नोएडा सेक्टर-54 में लगे कूड़े के ढेर में बीती रात आग लग गई जिसके बाद आसपास कूड़े की बदबू और आग धुआं फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंची और सुबह पांच बजे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इस आग की वजह से आसपास का वातावरण दूषित हो गया है। लोगों को सांस लेने में भी काफी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को सफाईकर्मचारियों पर शक है कि उन्होंने कूड़े के ढेर में आग लगाई है।
मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी कबाड़ में तांबे के तार को निकाल रहे थे और उनमें आग लगाकर प्लास्टिक पीवीसी को हटा रहे थे। जिसके बाद आग को जलते हुए छोड़ दिया। एक आरोपी का नाम कालू है जबकि दूसरा रवि है दोनों सेक्टर 11 में झुग्गी में रहते हैं।
नोएडा-ग्रेनो में शाम को बढ़ा वायु प्रदूषण
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के वायु प्रदूषण में बुधवार को थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अभी भी रेड जोन में है। सुबह एक्यूूआई 300 से 315 तक रहा। जबकि शाम को यह बढ़कर 310 से 330 तक पहुंच गया। वहीं, देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में ग्रेटर नोएडा सातवें और नोएडा 14वें नंबर पर रहा।
दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू है, ताकि सर्दी के मौसम में वायु प्रदूषण को बढ़ने से रोका जा सके। ग्रेप में तमाम तरीके की रोक और इंतजाम करने को कहा गया है, लेकिन उसके बाद भी दिल्ली-एनसीआर का वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है।
बुधवार को भी नोएडा और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई रेड जोन में शामिल रहा। सुबह करीब आठ बजे ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 315 रहा तो नोएडा का एक्यूआई 305 रहा। वहीं, शाम करीब छह बजे ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 330 और नोएडा का 310 पर पहुंच गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने भी दोपहर चार बजे बुलेटिन जारी किया। इसमें ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 324 रहा। जबकि नोएडा का एक्यूआई 301 रहा। देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में ग्रेटर नोएडा मंगलवार की तरह सातवें स्थान पर रहा है। सूची में नोएडा की स्थिति बेहतर रही। नोएडा 14वें नंबर पर रहा। जबकि एक दिन पहले 11वें नंबर पर था।
ग्रेनो वेस्ट में सड़कों से उठाई जा रही मिट्टी
वायु प्रदूषण को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण लगातार ग्रेनो वेस्ट में पानी का छिड़काव और सड़कों से मिट्टी उठा रही है। बुधवार को भी ग्रेनो वेस्ट में जगह-जगह मिट्टी उठाई गई। 15 से अधिक टैंकर से पानी का छिड़काव कराया गया, ताकि धूल नहीं उड़ सके। प्राधिकरण के साथ नेफोवा की टीम भी दिन भर निगरानी में लगी रही। टैंकरों से जगह-जगह पानी की छिड़काव कराया।