नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने गाजियाबाद में शहीद सिपाही सौरभ के परिवार को एक लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। सभी पुलिसकर्मियों का एक दिन का वेतन भी शहीद के परिजनों को आर्थिक मदद के रूप में दिया जाएगा।
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने गाजियाबाद में बदमाश को पकड़ने के दौरान शहीद हुए सिपाही सौरभ के परिजनों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अपने वेतन से एक लाख रुपये शहीद सिपाही के परिवार को देने की घोषणा की है।
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साथ ही, जिले में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के एक दिन के वेतन को शहीद सौरभ के परिजनों को आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान किया जाएगा। सिपाही सौरभ थाना फेस-3 में तैनात थे। गाजियाबाद में बदमाश कादिर को पकड़ने के दौरान गोली लगने से शहीद हो गए थे। यह कदम पुलिस विभाग की ओर से शहीद सिपाही के परिवार के प्रति संवेदना और समर्थन व्यक्त करने का प्रयास है।
ये है पूरा मामला
कादिर ने पुलिस पर नजर रखने के लिए कोठी के गेट पर दो बड़े-बड़े सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए हुए हैं। दरअसल, गाजियाबाद के मसूरी थाने के नाहल गांव में रविवार देर रात वांछित कादिर को पकड़ने गई नोएडा और मसूरी पुलिस की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव और फायरिंग कर दी। गौतमबुद्धनगर के थाना फेस-3 में तैनात एक सिपाही सौरभ देशवाल को गोली लग गई, पुलिस टीम उसे यशोदा अस्पताल लेकर पहुंची, यहां सिपाही को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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सौरभ के सिर में बदमाशों की गोली लगी थी, मूल रूप से शामली निवासी सौरभ की मौत की सूचना पर नोएडा पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह गाजियाबाद पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। डीसीपी ग्रामीण सुरेन्द्र नाथ तिवारी ने बताया कि वांछित अभियुक्त कादिर नाहल का रहने वाला है, उसकी गिरफ्तारी के लिए नोएडा पुलिस रविवार रात 12 बजे मसूरी पुलिस टीम के साथ नाहल गांव में आई थी, उसी दौरान ये घटना हुई है। वहीं, भाग रहे कादिर को पुलिस ने घेर कर पकड़ लिया है।
मामले में थाना फेस-3 गौतमबुद्धनगर के उपनिरीक्षक सचिन ने एक तहरीर दी है। थाना मसूरी में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने सिपाही की मौत की पुष्टि की है।