नवयुग मार्केट गाजियाबाद निवासी मोती गोयल गौतम बुद्ध नगर व गाजियाबाद समेत आसपास के कई जिलों में 2,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की सरकारी जमीनों पर कब्जे का आरोपी था।
अप्रैल 2005 में गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने उसे पहली बार गिरफ्तार किया था। तब जांच में 80 से ज्यादा आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे, जिनके कार्यकाल में या शह पर उसने सरकारी जमीनों पर कब्जा किया था।
बरौला में 10 बीघा के प्लॉट पर था विवाद
बरौला के जिस प्लॉट पर मोती गोयल की हत्या हुई, वह लगभग 10 बीघा का है। मुख्य मार्ग पर होने की वजह से इसकी कीमत अरबों में आंकी जाती है। मोती गोयल इस प्लॉट पर पीछे की तरफ शादी समारोह आदि के लिए तीन लॉन बनाना चाहता था।
प्लॉट के आगे की तरफ वह फिलहाल शॉपिंग कांप्लेक्स और अपार्टमेंट बनवा रहा था। मोती गोयल का इस प्लॉट को लेकर कुछ लोगों से काफी समय से विवाद था। उसने तीन बार इसे लेकर रिपोर्ट भी सेक्टर-49 थाने में दर्ज कराई थी।
एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि मोती गोयल के बेटे उत्कर्ष ने पूछताछ में इन्हीं आरोपियों के खिलाफ हत्या की आशंका की शिकायत दी है। पुलिस सभी बिंदुओं से जांच कर रही है। मोती गोयल के पुराने केस, विवाद और रंजिशों की जानकारी जुटाई जा रही है।