गौतमबुद्ध नगर यूपी का सबसे कमाऊ जिला है, क्योंकि प्रदेश की जीडीपी में इसका योगदान 7.47 फीसदी है, जो पिछले साल 7.10 प्रतिशत था। यहां के लोग प्रदेश में सबसे ज्यादा कमाई कर रहे हैं। यह बात प्रदेश सरकार की ओर से जारी जिला घरेलू उत्पाद अनुमान 2022-23 की रिपोर्ट में सामने आई है।
आम लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने में भी अपना जिला प्रदेश में शीर्ष पर है। इस मामले में गाजियाबाद दूसरे पायदान पर है, जबकि सिद्धार्थनगर सबसे पिछड़ा है। यह सूची जिलों के उद्योग, स्वास्थ्य, खेती, रेलवे, वित्तीय सेवाएं और भवन निर्माण समेत अन्य मानकों के आधार पर जिला सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लिए किए गए आकलन में सामने आई है। प्रदेश सरकार ने जिला घरेलू उत्पाद अनुमान 2022-23 की रिपोर्ट जारी की थी।
जिले में नोएडा विकास प्राधिकरण, यमुना प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की विकास की परियोजनाएं चल रही हैं। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नोएडा के सेक्टर-16 में स्थित फिल्म सिटी विकसित होने के बाद जिले की जीडीपी में उछाल देखने को मिली है।
गौतमबुद्ध नगर की प्रति व्यक्ति आय 6.72 लाख रुपये सालाना हो चुकी है। यह आंकड़ा 2022-23 के वित्तीय वर्ष के आंकड़ों के आधार पर है। यह आंकड़ा 2011-12 की जनगणना के आधार पर तैयार किया गया है। 2021-22 में जनपद में प्रति व्यक्ति आय 5.65 लाख रुपये थी।
25 हजार औद्योगिक इकाइयां चल रहीं
गौतमबुद्ध नगर में करीब 25 हजार औद्योगिक इकाइयां हैं, जो प्रदेश में सबसे अधिक हैं। पिछले कुछ साल में आईटी से जुड़ी कंपनियों की संख्या में तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते यहां के लोगोंं के बीच कमाई के अवसर भी बढ़े हैं। इसके अलावा आईटी आधारित सेवाएं जैसे रोबोटिक्स, एआई, मोबाइल ऐप निर्माण जैसे काम भी यहां बढ़े हैं।
डाटा सेंटर बिजनेस ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। एचसीएल, सैमसंग, वीवो, रिलायंस समूह की कंपनी, एडवर्ब जैसी कंपनियों के भी यहां कार्यालय हैं। इन कंपनियों से आकर्षित होकर वीवर्क जैसी अमेरिकी कंपनियां भी जनपद में अपनी शेयरिंग स्पेस जैसी सेवाएं देने आ चुकी है।
प्रदेश की जीडीपी रैंकिंग में गौतमबुद्ध नगर प्रथम स्थान पर है। जनपद की जीडीपी में वृद्धि होेने के साथ प्रति व्यक्ति आय 6.72 लाख रुपये हो चुकी है।
- शिवराज, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, गौतमबुद्धनगर