दोनों अधिकारियों ने कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता पर कोई अंकुश नहीं लगाया गया है। डीएम और एसएसपी पद पर होने से जिले की कानून व्यवस्था बनाए रखने की हमारी जिम्मेदारी और कर्त्तव्य है। उसी का निर्वाह किया गया है।
उन्होंने सूचना प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर चैनल की स्थिति व जिले के जितने भी चैनल हैं उन सभी की जानकारी मांगी है। डीएम ने कहा कि यह शांति चुनाव के बाद की है और कई बार इस तरह की शांति बड़ी अशांति का कारण बन जाती है। जिसे रोकने के लिए यह कार्रवाई करना जनता के हित में था। अगर चैनल को खबर चलानी थी तो उसकी जांच करनी चाहिए थी और पुलिस-प्रशासन से पूरी जानकारी लेनी चाहिए थी।
अभद्र टिप्पणी करने वाली महिला जल्द गिरफ्त में होगी
एक सवाल के जवाब में डीएम-एसएसपी ने कहा कि जिस महिला ने सीएम पर अभद्र टिप्पणी की है वह जल्द ही गिरफ्तार की जाएगी। न्यूज चैनल ने तथ्यहीन व फर्जी खबर प्रसारित कर सामाजिक ताने-बाने को खराब करने का प्रयास किया है। इस संबंध में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से साफ कर दिया गया है कि अभी नेशन लाइव चैनल को कोई लाइसेंस नहीं दिया गया है। हालांकि चैनल की ओर से इस संबंध में आवेदन करने की बात कही गई है।
मीडिया कर्मियों के प्रदर्शन के कारण देनी पड़ी सफाई
नेशन लाइव न्यूज चैनल की एमडी और संपादक पर रिपोर्ट दर्ज कराकर गिरफ्तार करने के मामले में पुलिस-प्रशासन पर मीडिया की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का आरोप लगने लगे हैं। इसे लेकर जगह-जगह मीडिया कर्मियों की ओर से प्रदर्शन शुरू कर दिए गए हैं। इसी कारण डीएम-एसएसपी को यह सफाई देनी पड़ी है।
वहीं, प्रेसवार्ता में एक सवाल के जवाब में डीएम ने कहा कि चैनल की ओर से अगर कोर्ट में कोई अर्जी दी गई है तो उसकी जानकारी हमें नहीं है। कोर्ट के आदेश का पालन किया गया जाएगा।
यह है मामला
नोएडा के सेक्टर-65 स्थित नेशन लाइव न्यूज चैनल पर 6 जून को सीएम योगी आदित्यनाथ पर एक पैनल चर्चा की गई थी। इसमें कानपुर निवासी एक महिला ने सीएम पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसमें पार्टी विशेष के कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई थी। मामला तूल न पकड़े इसलिए फेज-थ्री कोतवाली के एसआई की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद सूचना विभाग ने चैनल पर लाइसेंस नहीं होने का आरोप लगाते हुए धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसके आधार पर पुलिस ने चैनल हेड इशिका सिंह व संपादक अनुज शुक्ला को गिरफ्तार किया था।