टीबी की दवा का कोर्स 9 माह का है। बीच में दवाएं छोड़ने पर पुरानी दवाएं असर नहीं करती हैं। ऐसे मरीजों को मल्टी ड्रग रेसिसटेंट (एमडीआर) और अगली स्टेज एक्सटेंसिव ड्रग रेसिसटेंट (एक्सडीआर) की श्रेणी में रखा जाता है।
यह कोर्स दो साल से अधिक का होता है। जनपद में 2020 में मिले 22 एमडीआर रोगियों समेत संख्या 244 और एक्सडीआर रोगियों की संख्या 27 पहुंच गई है।
सरकारी अस्पतालों में आए टीबी रोगी
| वर्ष |
मरीज (जुलाई तक) |
| 2016 |
4211 |
| 2017 |
4283 |
| 2018 |
5642 |
| 2019 |
6650 |
| 2020 |
2273 |
निजी अस्पतालों में कराया इलाज
| वर्ष |
मरीज (जुलाई तक) |
| 2016 |
962 |
| 2017 |
1210 |
| 2018 |
2145 |
| 2019 |
3463 |
| 2020 |
998 |