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छुट्टी लेकर महंत बनने पहुंचा सिपाही, एक फोन ने खोल दी सारी पोल

Mon, 19 Jun 2017 05:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा/मथुरा
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महंत बनने पहुंचा स‌िपाही - फोटो : अमर उजाला
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नोएडा सेक्टर-24 थाने में तैनात सिपाही रामअवतार छुट्टी लेकर मथुरा में महंत बनने चला था, मगर फोन पर मुंशी से बात करने के दौरान उसके कहे कुछ विभागीय शब्दों से उसकी पोल खुल गई।
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सिपाही को छुट्टी के बाद 16 जून को दोपहर 12 बजे तक थाने पर आमद करानी थी, लेकिन वह नहीं आया। इसके बाद विभाग की ओर से उसकी गैरहाजिरी की रिपोर्ट लिखवा दी।

एसपी सिटी अरुण सिंह का कहना है कि  सिपाही को  यदि जल्द ही वह वापस नहीं आया तो निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

रामअवतार 9 से 16 जून तक छुट्टी लेकर गया था

एसपी सिटी ने बताया कि रामअवतार 9 से 16 जून तक छुट्टी लेकर गया था। छुट्टी लेने के लिए उसने कारण बताया था कि उसके गुरु का मथुरा में देहांत हो गया है और उनके क्रियाकर्म के लिए जाना है।

विभाग के कर्मचारियों की मानें तो रामअवतार अकसर लोगों को प्रवचन देता है कि वे किसी के साथ बुरा न करें और लोगों की मद्द करें।

प्रॉपर्टी डीलर बन गया था बिल्डर बाबा
नोएडा में दो साल पहले प्रॉपर्टी डीलर सचिन दत्ता ने लोगों को ठगने के लिए बिल्डर बाबा का रूप धारण कर लिया था। उसने अपना नाम सच्चिदानंद रख लिया था। उस पर करीब साढे़ 11 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप था और दिल्ली और नोएडा में भी कई केस दर्ज हैं।

एक थानेदार ने ही खोली

- फोटो : file photo
सात दिन की छुट्टी लेकर एक सिपाही महंत बनने पहुंच गया। उसने खाकी वर्दी उतारी और संतों वाले वस्त्र धारण कर लिए। पहनावा और आचार-विचार से खुद को एक बड़ा संत साबित करने वाले इस सिपाही ने महंत के लिए अपनी दावेदारी भी कर दी, लेकिन मामला तब खुल गया जब उसके मोबाइल पर थाने के मुंशी का फोन आया। मुंशी से बातचीत करते वक्त उसने रवानगी और आमद जैसे शब्द बोले तो वहां खड़े थानाध्यक्ष मामला समझ गए।

संतों का चोला धारण करने वाले सिपाही का नाम रामअवतार है। वह नोएडा के सेक्टर 24 के थाने में तैनात है। राअवतार नौ जून से छुट्टी पर चल रहा है। 16 जून को थाने पर पहुंचकर उसे आमद करानी थी लेकिन वह पहुंचा ही नहीं। सिपाही रामअवतार गेरुवा कपड़े पहनकर मथुरा में उदासीन आश्रम पर पहुंच गया।

रामअवतार महंत बनना चाह रहे थे। वह आश्रम में मौजूद पुलिस से भी वार्ता कर रहा था। पुलिस उसे प्रभावशाली संत समझ रही थी। चूंकि आश्रम में महंत की गद्दी को लेकर कुछ विवाद हो रहा था लिहाजा पुलिस वाले भी उसे ही बार-बार बुलाकर मामले को शांत कराने के लिए कह रहे थे। लेकिन मुंशी से फोन पर बात करते ही पुलिस ने उसे पहचान लिया कि वह जरूर पुलिस महकमे से जुड़ा है।
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सात दिन से छुट्टी पर चल रहा है सिपाही

- फोटो : डेमो ‌प‌िक
उधर, इसकी भनक लगते ही रामअवतार वहां से दाएं-बाएं हो गया। नोएडा के एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि सिपाही सात दिन की छुट्टी पर था। उसके बारे में मथुरा पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है।

मैं तो भटके लोगों को राह दिखाने आया था
मथुरा। सिपाही रामअवतार का कहना है कि वह लंबे समय से उदासीन आश्रम से जुड़ा हुआ है। उसने बताया कि वह भटके लोगों को राह दिखाने आया था। अब आश्रम में गद्दी संत को सौंप दी गई है लिहाजा अब वह चला जाएगा।
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