किसान आंदोलन के चलते मंगलवार को सिंधु और टिकरी बॉर्डर के साथ-साथ नोएडा चिल्ला बॉर्डर को भी सील कर दिया गया। मंगलवार शाम को चिल्ला बॉर्डर की ओर से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। आनन-फानन में पुलिस ने बॉर्डर सील कर दिया। जिसके कारण दिल्ली की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ती नजर आई। शाम को कार्यालय से वापस लौटने वाले लोगों को दिल्ली से नोएडा जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जो लोग बिना जानकारी के नोएडा बॉर्डर पहुंचे उन्हें यहां से यू टर्न लेकर फिर से दिल्ली की ओर वापस आना पड़ा। जिसके कारण अक्षरधाम से लेकर चिल्ला बॉर्डर तक भारी जाम लगा रहा।
मंगलवार शाम को भारी संख्या में उत्तर प्रदेश के किसान चिल्ला बॉर्डर से दिल्ली में प्रवेश करने के लिए पहुंचे थे। आनन फानन में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार को लगभग शाम पांच बजे चिल्ला नोएडा बॉर्डर को दोनों तरफ से सील कर दिया। जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस की ओर से नोएडा जाने वाले यात्रियों को सराय काले खां, अक्षरधाम फ्लाईओवर के नीचे से यू टर्न लेकर जाने की सलाह दी गई। जानकारी नहीं होने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों को नोएडा बॉर्डर पहुंचकर वापस लौटना पड़ा।
वहीं सिंघु बॉर्डर मंगलवार को भी लगातार पांचवें दिन भी बंद रहा। इस दौरान वाहनों को मुकरबा चौक से आजादपुर की तरफ डायवर्ट किया गया था। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सिंघू बॉर्डर, जीटी करनाल रोड, एनएच-44 और रिंग रोड की तरफ नहीं जाने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद रिंग रोड पर दिनभर भारी संख्या में वाहनों का आवागमन जारी रहा। टीकरी बॉर्डर भी दोनों तरफ से बंद था। जिसके कारण दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली से नई दिल्ली की ओर आवागमन पूरी तरह से प्रभावित रहा। किसानों का प्रदर्शन कब तक चलेगा यह कह पाना अभी मुश्किल है। ऐसे हालात में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सलाह है कि जाम से बचने के लिए लोग बॉर्डर की तरफ जाने से परहेज करें।