उपचुनाव में इस बार वोटरों ने प्रत्याशियों को मंझधार में छोड़ दिया है। भले ही प्रत्याशी यह कह रहे हों कि उनकी जीत हो रही है लेकिन हकीकत यह है कि वोटरों ने अपनी थाह इस बार किसी को नहीं दी है।
दरअसल, नोएडा विधानसभा के उपचुनाव में एक बात और देखी गई कि युवाओं में जोश नहीं दिख। लोग वोट डालने क्यों नहीं पहुंचे, इसका एक कारण नहीं है, बल्कि तमाम ऐसे बिंदु रहे जिससे वोटरों का मन ही घर से निकलने को नहीं हुआ।
इसका सबसे प्रमुख कारण यह रहा कि प्रत्याशी इस बार मतदाताओं तक अपना संदेश ही नहीं पहुंचा पाए। वोटर से जब किसी ने कहा ही नहीं कि वोट देना है तो वह क्यों देता।
इसके अलावा कई फैक्टरी मालिकों को तब पता चला कि नोएडा में चुनाव हो रहा है, जब उनके यहां श्रम विभाग की तरफ से छुट्टी होने की जानकारी पहुंची।
रविवार को जिला निर्वाचन विभाग ने प्रत्येक बूथ पर पड़े वोटों की जानकारी प्रत्याशी को दे दी लेकिन अब इस पर विचार-विमर्श होता रहा कि किस बूथ पर किसको कितने वोट मिले। आकलन तो तीनों प्रत्याशियों ने किया है लेकिन संशय सभी को है।