नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड से विज्ञापन फीस मांगने के मामले में हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश किया पारित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड (एनटीबीसीएल) से नोएडा प्राधिकरण द्वारा 100 करोड़ रुपये के कथित विज्ञापन लाइसेंस शुल्क की मांग वाले पत्र पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने नोएडा प्राधिकरण के आउटडोर विज्ञापन विभाग की ओर से जारी 10 सितंबर के पत्र पर रोक लगाते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया। नोटिस में याचिकाकर्ता से डीएनडी फ्लाईवे पर प्रदर्शित विज्ञापनों को हटाने की मांग भी की गई थी। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता को विज्ञापन प्रदर्शित करने का अधिकार है और सुविधा का संतुलन याचिकाकर्ता के पक्ष में है। यदि अंतरिम आदेश नहीं दिए गए तो याचिकाकर्ता को अपूरणीय क्षति और हानि हो सकती है, जिसकी भरपाई धन के रूप में नहीं की जा सकती। कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। कहा कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होगी।