नोएडा प्राधिकरण नलगढ़ा की 37 हेक्टेयर, झट्टा की 76 हेक्टेयर व मोहियापुर की 102 हेक्टेयर जमीन किसानों से आपसी समझौते से खरीदेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इन गांवों में जमीन के मामले पर सुनवाई की थी।
हाईकोर्ट ने कहा था कि जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों की बात नहीं सुनी गई, इसलिए अधिग्रहण नहीं माना जाएगा। प्राधिकरण के एसीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि प्राधिकरण स्पेशल इकोनामिक जोन (एसईजेड) के लिए किसानों से आपसी समझौते से जमीन खरीदेगा।
इसके लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी। तीन गांवों की जमीन पर एसईजेड का थोड़ा हिस्सा है। किसानों से जल्द ही रजिस्ट्री कराकर जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मालूम हो कि नलगढ़ा, मोहियापुर व झट्टा की कुल 215 हेक्टेयर जमीन के लिए करीब 12 साल पहले प्राधिकरण की ओर से अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन किसानों की आपत्तियां निस्तारित नहीं की गईं।
बीच में इस मामले पर किसानों की याचिका पर हाईकोर्ट ने स्टे जारी कर दिया। 2009 से अभी तक प्राधिकरण अधिग्रहण के आधार पर किसानों से कोई भी जमीन नहीं ले पाया है। इसकी वजह हाईकोर्ट में जमीन अधिग्रहण को लेकर विवाद है।
केंद्र ने अधिग्रहण का नया कानून बनाया, जो 2015 में लागू हुआ है, लेकिन यूपी सरकार ने इसे लागू नहीं किया। यूपी सरकार ने 2012 में वादा किया था कि किसानों को सर्कल रेट का छह गुना मुआवजा देंगे। इसे भी प्रदेश सरकार लागू नहीं कर सकी। प्राधिकरण के पास आपसी समझौते से किसानों से जमीन लेने का ही विकल्प रह गया।