फायर विभाग ने बिल्डर को सेक्टर-120 स्थित प्रतीक लॉरियल सोसाइटी में फायर के सभी उपकरण लगे होने की बात कहते हुए एनओसी दे दी। बिल्डर ने उसी आधार पर नोएडा प्राधिकरण से प्रोजेक्ट के लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) ले ली। बाद में सोसाइटी को वहां रहने वाले लोगों की संस्था (एओए) को सुपुर्द कर दिया गया।
अब जब अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन (एओए) प्रत्येक वर्ष की भांति 2018 में फायर की एनओसी लेने अग्निशमन विभाग गया तो पता चला कि इमारत में दुर्घटना के वक्त काम आने वाला एक महत्वपूर्ण उपकरण नहीं लगा है इसलिए एनओसी नहीं मिल पाएगी। यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उपकरण नहीं लगे थे तो पहले एनओसी कैसे मिली। नोएडा प्राधिकरण ने ओसी देते समय साइट पर निरीक्षण क्यों नहीं किया। यहां सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि मिलीभगत की भी संभावना है।
प्रतीक लॉरियल सोसाइटी के एओए चेयरमैन वेद प्रकाश ने बताया कि 31 मार्च 2017 को संस्था ने बिल्डर से सोसाइटी का प्रभार ले लिया। उस समय जब पता किया गया था तो फायर की एनओसी होने की बात बताई गई थी। यही नहीं इमारत में 22 तरह के उपकरण मानक के मुताबिक लगे होने की बात कागज पर लिखी थी।
एओए ने सोसाइटी का हैंडओवर लेने से पहले फायर विभाग से पूछा भी था। उस समय पता चला कि सब कुछ ठीक है। लेकिन अब जब 2018 में फायर एनओसी लेने के लिए एओए फायर विभाग गया तो पता चला कि इमारत के बेसमेंट में फायर स्मोक एक्स्ट्रैक्शन सिस्टम नहीं लगा हुआ है। इस उपकरण को लगाने के बाद ही एनओसी मिल पाएगी।