वित्तीय वर्ष 2014-15 में नोएडा प्राधिकरण का बजट करीब आठ हजार करोड़ रुपये होगा। यह पिछले साल से करीब दो हजार करोड़ रुपये कम है।
मेट्रो और भूमि अधिग्रहण पर तय बजट खर्च न होने के कारण इस बार के बजट में कमी आई है। लोकसभा चुनाव के लिए मध्य फरवरी के बाद अधिसूचना लागू होने के आसार हैं। इसके बाद बोर्ड बैठक नहीं हो सकेगी।
अधिसूचना खत्म होने के बाद ही बैठक संभव है। बजट पास न होने पर प्रोजेक्ट का काम प्रभावित हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए आगामी 12 फरवरी को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक प्रस्तावित की गई है।
इसमें आगामी वित्तीय वर्ष (2014-15) का बजट पास होना है। प्राधिकरण के वित्त एवं लेखा विभाग के मुताबिक आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट आठ हजार करोड़ रुपये के आसपास होगा, जबकि पिछले साल यह बजट 10017 करोड़ रुपये था।
इसमें सबसे ज्यादा खर्च नोएडा में प्रस्तावित तीनों मेट्रो रूट (बॉटेनिकल गार्डेन से कालिंदीकुंज, सिटी सेंटर से सेक्टर 62 और नोएडा से ग्रेटर नोएडा) के लिए करीब दो हजार करोड़ रुपये निर्धारित किया गया, मगर मात्र 20 करोड़ रुपये ही खर्च हो सका।
इसी तरह भूमि अधिग्रहण के लिए निर्धारित बजट का दस फीसदी भी खर्च नहीं हो सका। बढ़े हुए मुआवजे के रूप में किसानों को यह रकम दी जानी थी। इस बार इन दोनों ही मदों के बजट में पिछले साल की तुलना में भारी कटौती की जाएगी। बाकी मदों का बजट पहले के बजट के आसपास ही रहेगा।