फोरम के अध्यक्ष आरडी पालीवाल ने बताया कि एटीएस रियल्टी बिल्डर का एटीएस एल्योर प्रोजेक्ट है। जहां खरीदार नेहा त्यागी और आशुतोष त्यागी ने वर्ष 2013 में दो फ्लैट बुक कराए थे। फ्लैट की कीमत करीब 40 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। बिल्डर ने मार्च, 2017 में कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन कब्जा नहीं दिया। बिल्डर के चक्कर काटने के बाद खरीदारों ने वर्ष 2022 में यूपी रेरा में शिकायत की।
जिस पर फोरम ने दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया। दोनों पक्ष सुनने के बाद फोरम के आदेश पर बिल्डर ने दोनों खरीदारों को फ्लैटों पर कब्जा दे दिया है। साथ ही छह साल देरी से कब्जा देने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना दिया है। जिसका समायोजन बकाया धनराशि में किया गया है। समायोजन के बाद खरीदारों को 56 हजार का भुगतान किया गया है।