उन्होंने कहा कि लोगों को फ्लैट मिलना शुरू हो गया है। जल्द ही जिले में चार लाख फ्लैटों में लोग आएंगे। इनके साथ अन्य लोग भी आएंगे। कुल मिलाकर 15 लाख लोगों की संख्या बढ़ेगी। इसका असर यातायात सहित कई अन्य सेक्टरों पर पड़ेगा। लिहाजा इससे निपटने के उपाय करने होंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हर कोई अपने बराबर में कूड़ा घर नहीं चाहता। इसी तरह से सभी को संकल्प लेना होगा कि अपने बराबर में साफ-सफाई व्यवस्था बनाने में मदद करेंगे।
उधर, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में 50 हजार कारें एक साथ खड़ी हो सकेंगी। पीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के आधार पर इतने वाहनों के लिए करीब 90 हजार वर्ग मीटर जगह तय की गई है। इन कारों के लिए ओपन पार्किंग बनाई जाएगी। जेवर एयरपोर्ट में आने वाले यात्रियों के वाहनों के लिए ओपन पार्किंग का इंतजाम किया जाएगा। एयरपोर्ट के पहले चरण में पार्किंग के लिए 48,491 वर्ग मीटर जमीन आरक्षित की जाएगी, जबकि दूसरे चरण के लिए 39,584 वर्ग मीटर भूमि आरक्षित की जाएगी।
इसमें एक साथ 50 हजार कारें एक साथ खड़ी हो सकेंगी। पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी जारी करने के लिए जमा किए गए कागजात में भी इसकी जानकारी दी गई है। दरअसल, इस एयरपोर्ट से एनसीआर के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से यात्री निजी या कैब के जरिये एयरपोर्ट पहुंचेंगे। पार्किंग एरिया कम होने पर दिक्कत हो सकती है।