- मुआवजा सर्किल रेट या बाजार भाव का दो गुना।
- एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को नौकरी या पांच लाख एक मुश्त मुआवजा या 20 वर्ष तक दो हजार रुपये मासिक भुगतान।
- पुनर्वास के दौरान ग्रामीण परिवार को इंद्रा आवास तैयार कर देने या निर्मित मकान के बराबर धनराशि या शहरी क्षेत्र में 50 वर्ग मीटर में मकान, डेढ़ लाख रुपये जीवन निर्वाह के लिए एक वर्ष तक 3000 रुपये प्रतिमाह प्रति परिवार।
- विस्थापन के दौरान परिवहन खर्चा: घर के पुराने समान या मलबे को दूसरी जगह लेकर जाने के लिए प्रति परिवार 50000 रुपये।
- भूमिहीन या छोटे दुकानदारों को भी विस्थापन के दौरान न्यूनतम 25000 रुपये।
किसानों की मांग
- एयरपोर्ट में जिन गांव की जमीन जा रही है, वहां पूरी तरह से ग्रामीण आबादी निवास करती है। उनका मुख्य व्यवसाय खेती है। इन गांव को शहरी क्षेत्र से निकाल ग्रामीण क्षेत्र में रखा जाए, ताकि जमीन का मुआवजा सर्किल रेट का चार गुना मिल सके। अगर शहरी क्षेत्र में रखा जाता है तो नोएडा की तर्ज पर मुआवजा दिया जाए।
- भूमिहीन परिवारों को पुनर्वास के दौरान उचित मुआवजा दिया जाए।
- जिन गांव का विस्थापन किया जाना है, उन गांव को जेवर तहसील में ही जमीन देकर बसाया जाए।
- विस्थापन की जगह मूलभूत सुविधा जैसे स्कूल, सड़क, बिजली, पेयजल आदि की सुविधा देने के बाद ही विस्थापन किया जाए।