जेवर जिला प्रशासन ने नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने मुआवजा बांटना शुरू कर दिया है। पहले दिन 42 किसानों को 14.20 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा गया। किसानों को 2454.39 पैसे प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जा रहा है।
रन्हेरा व पारोही के 42 किसानों को बांटा 14.20 करोड़ का मुआवजा
नोएडा एयरपोर्ट लिए जेवर के छह गांव की जमीन अधिग्रहित की जानी है। प्रशासन ने रन्हेरा व पारोही के किसानों को मुआवजा देकर जमीन लेने के लिए मंडलायुक्त को प्रस्ताव भेजा था। अनुमति मिलने के बाद सोमवार से मुआवजा बांटना शुरू कर दिया।
प्रशासन के मुताबिक रन्हेरा गांव के 22 किसानों को 6.04 करोड़ रुपये व पारोही के 20 किसानों को 8.16 करोड़ रुपये बतौर मुआवजा दिया गया। आरटीजीएस के जरिये किसानों के खाते में मुआवजे की रकम 24 घंटे में पहुंच जाएगी। 47 किसानों ने चुना नौकरी के बजाय पांच लाख लेेने का विकल्प
एयरपोर्ट के प्रभारी नोडल अधिकारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि मंडलायुक्त के यहां से रोही और दयानतपुर गांव का अवार्ड घोषित होने की अनुमति मिलते ही प्रतिदिन 100 से अधिक किसानों के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से मुआवजा राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।
2454 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से दिया जा रहा मुआवजा
उन्होंने बताया कि किसानों को 2300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जा रहा है, जिसमें किसानों को लगभग 13 महीने (एसआईए की तिथि से अवार्ड घोषित होने तक) का 12 प्रतिशत के हिसाब से 154.39 रुपये प्रति वर्ग मीटर का ब्याज भी दिया जा रहा है।
बता दें कि नोएडा एयरपोर्ट के लिए रन्हेरा, किशोरपुर, दयानतपुर, रोही, पारोही व बनवारीवास गांवों की जमीन ली जानी है। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। सभी छह गांवों के 5926 परिवारों की जमीन जेवर एयरपोर्ट के लिए ली जानी है।
47 किसानों ने चुना नौकरी के बजाय पांच लाख लेेने का विकल्प
रन्हेरा गांव के लगभग 200 किसानों को नौकरी या फिर एक मुश्त पांच लाख राशि का विकल्प दिया गया था, जिसमें से सोमवार तक लगभग 64 किसानों ने लिखित सहमति प्रशासन को भेज दी। 64 किसानों में से 17 किसानों ने नौकरी की मांग की है तो वही 47 किसानों ने एकमुश्त पांच लाख रुपये की मांग की है।