बवाल के बीच पुलिस कर्मी और तहसीलदार किसी तरह घायल एसडीएम को गाड़ी में बैठाकर भीड़ से बचाते हुए सुरक्षित निकालते हैं। इसके बाद पुलिस खुद का बचाव करते हुए कार्यक्रम स्थल पर बस में बैठे गिरफ्तार किसानों को छोड़कर निकल जाते हैं।
इसी आपाधापी में एसीपी शरद चंद शर्मा को हिंसक भीड़ स्कूल की चारदीवारी के अंदर घेर लेती है। खुद का बचाव करते हुए एसीपी स्कूल की पीछे वाली दीवार फांदकर खेतों की तरफ भागने का प्रयास करते हैं। लेकिन, दीवार की ऊंचाई अधिक होने के कारण वह फिसलकर अंदर ही गिर पड़ते हैं।
भीड़ को एसीपी की तरफ बढ़ते देख एक होमगार्ड और हमराह ने एसीपी को सहारा देकर दीवार के उस पर पहुंचा दिया और खुद भी खेतों के रास्ते सुरक्षित निकल गए। रोही के प्राथमिक स्कूल में अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद थे, तभी अचानक गांव से ईंट-पत्थरों की बौछार शुरू हो जाती है।
पथराव और हमले से खुद की जान बचाने के लिए अधिकारियों को स्कूल की दीवार फांदकर दूसरी ओर भागना पड़ा। वहीं, पुलिस इससे पहले कुछ समझ पाती तब तक हमला और तेज हो गया।
इसी दौरान हाथ पर पत्थर लगने से एसडीएम जेवर घायल हो जाती हैं। वहीं, तहसीलदार दुर्गेश सिंह भी टेंट के अंदर ही भीड़ से घिर गए थे। हालांकि, वह भी किसी तरह से बचकर निकले में सफल रहे।
ऑडियो वायरल कर पुलिस को दी चुनौती
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमले के आरोप में नामजद आरोपियों के घरों पर पुलिस ने दोपहर से ही ताबड़तोड़ दबिश देना शुरू कर दिया। इस दौरान तीन संदिग्धों को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है। उधर, सोमवार शाम रोही निवासी एक नामजद आरोपी ने ऑडियो वायरल कर पुलिस को चुनौती दी।
ऑडियो में आरोपी गौतमबुद्ध नगर पुलिस को चेतावनी देते हुए अपना नाम रविंद्र सिंह निवासी ग्राम रोही बताया और कहा कि ऑडियो जारी होने के आधे घंटे में अगर पुलिस ने उसकी मां को नही छोड़ा तो जेवर कोतवाली या जिले के किसी पुलिस कर्मी को अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा। इसके बाद पुलिस अधिकारी और भी सतर्क हो गए हैं।