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Noida: बेटिंग एप से बिछाया ठगी का जाल, करोड़ों की हेराफेरी का पुलिस ने किया खुलासा; चार आरोपी गिरफ्तार

Fri, 05 Jun 2026 07:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

आरोपियों की पहचान साई कुमार, पंडाला सतीश, पांडुरंगा और उदयकुमार के रूप में हुई है। सभी मूल रूप से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के निवासी हैं और वर्तमान में सेक्टर-79 नोएडा में रह रहे थे।
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demo - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग एप व वेबसाइट के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान साई कुमार, पंडाला सतीश, पांडुरंगा और उदयकुमार के रूप में हुई है। सभी मूल रूप से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के निवासी हैं और वर्तमान में सेक्टर-79 नोएडा में रह रहे थे।

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नोएडा की एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस ने बृहस्पतिवार को गोपनीय सूचना और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर सेक्टर-79 स्थित एक फ्लैट में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बेटिंग एप और वेबसाइट के माध्यम से साइबर ठगी करने वाले चार बदमाशों को गिरफ्तार किया। 

आरोपियों के पास से तीन लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, तीन वाई-फाई राउटर, पांच एटीएम कार्ड, दो पैन कार्ड समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। जांच के दौरान लगभग 2.4 करोड़ रुपये के संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये आरोपी साइबर क्राइम की वारदात को भी अंजाम देते रहे हैं।
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चारों आरोपी 10वीं व 12वीं पास
नोएडा से गिरफ्तार चारों आरोपी 10वीं व 12वीं पास हैं। ये आरोपी तकनीकी रूप से दक्ष हैं। पिछले तीन महीने से सेक्टर-79 स्थित सोसाइटी में रह रहे थे। फ्लैट का किराया 40 हजार था। ये लोग बहुत कम ही फ्लैट से निकलते थे और आसपास के लोगों से संपर्क नहीं करते थे। ये आरोपी ऑनलाइन ऑर्डर कर खाना मंगवाते थे।

सोशल मीडिया पर देते थे विज्ञापन 
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देते थे कि कम समय में पैसा दोगुना करेंगे। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट और उससे जुड़े मोबाइल एप पर पंजीकरण कराने के लिए कहा जाता था। शुरुआत में कुछ लोगों को मामूली लाभ दिखाकर विश्वास में लिया जाता था, लेकिन बाद में बड़ी रकम जमा कराने के बाद उनका पैसा हड़प लिया जाता था।

पुलिस ने बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच की तो उनमें साइबर ठगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले। जांच के दौरान लक्ष्मी ट्रेडर्स नामक बैंक खाते के माध्यम से करीब 2.4 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। पुलिस को विभिन्न राज्यों के लोगों के साथ की गई साइबर धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी भी प्राप्त हुई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था। 

400 से अधिक लोगों से ठगी  
ऑनलाइन बेटिंग एप के माध्यम से लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का सरगना हैदराबाद का रहने वाला है और अभी हैदराबाद के आसपास ही है। इस गिरोह ने अब तक 400 से अधिक लोगों से ठगी की है। कई शहरों में इस गिरोह ने ठगी का ऑफिस चलाया है। ये आरोपी ऑनलाइन संपर्क कर ही लोगों से ठगी करते थे। 
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