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अभिजीत बनर्जी बोले- जेएनयू की अंडा भुर्जी और ओनियन उत्तपम यादगार

Sat, 19 Oct 2019 10:58 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी - फोटो : Amar Ujala
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भारतीय मूल के नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी शनिवार सुबह जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस पहुंचे। इस दौरान वे छात्रों व शिक्षकों से भी मिलें। उन्होंने कुलपति कार्यालय के नीचे (प्रशासनिक ब्लॉक), लाइब्रेरी कैंटीन ढाबा, ब्रह्मपुत्र हॉस्टल का दौरा किया। 

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इस दौरान बनर्जी ने कहा कि 36 साल पहले जेएनयू कैंपस से ऐसा नाता जुड़ा कि आज भी यादें और बेबाकी याद है। देर रात तक पढ़ाई के बाद दोस्तों संग ढाबा पर चाय पीना और अंडा भुर्जी के साथ देश-दुनिया के मुद्दों पर बेबाक चर्चा। कैंपस में आकर धुंधली यादें फिर ताजा हो गईं। दुनिया बेशक बदली हो पर नहीं बदली तो कैंपस की सादगी, बेबाकी के साथ हर मुद्दे पर चर्चा, सादगी, हरियाली, खूबसूरती, ढाबा पर चाय और अंडा भुर्जी। खिलखिला कर हंसते हुए आज मैं 36 साल पहले वाला अभिजीत बन गया। 

शेफ की तर्ज पर बनाया अंडा भुर्जी
 
लाइब्रेरी कैंटीन ढाबा के अजय गोपालन के मुताबिक, ग्रे शर्ट और नीली पेंट पहने आम से दिखने वाले अभिजीत बनर्जी जब ढाबा पर पहुंचे तो हम लोगों ने भी समझा कि कोई प्रोफेसर होंगे। बेहद सादे और साधारण सी दिखने वाले शख्स के बारे में जब वहां भीड़ बढ़ी तो पता चला कि अरे.... यह तो जेएनयू के पूर्व छात्र अभिजीत बनर्जी हैं, जिन्हें पिछले दिनों नोबेल पुरस्कार मिला है। 
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बेहद सादगी के साथ सीमेंट से निर्मित ढाबा के बाहर कुर्सी और साधारण से टेबल पर उन्होंने सबसे पहले प्याज उत्तप्म खाया। इसके बाद ढाबा के अंदर आकर खुद शेफ की तर्ज पर अंडा फेंटा और अंडा भुर्जी बनाकर खाई। 

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ब्रह्मपुत्र हॉस्टल में यादें ताजा करने के साथ खेला टेनिस

अभिजीत बनर्जी 1983 में ब्रह्मपुत्र हॉस्टल में रहते थे। शनिवार को अभिजीत बनर्जी ब्रह्मपुत्र हॉस्टल पहुंचे और लॉन में छात्रों संग टेनिस भी खेला। इस दौरान वे कुछ शिक्षकों से भी मिले। 

सोमवार या मंगलवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात की संभावना

सूत्रों के मुताबिक, सोमवार या मंगलवार को अभिजीत बनर्जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। इससे पहले शुक्रवार आधी रात के बाद वे भारत पहुंचे और सीधे गुरुग्राम अपने भाई के घर चले गए। शनिवार को सुबह जेएनयू और उसके बाद सीधे घर। इसके बाद शाम को अपने एनजीओ (जीपीएएल फाउंडेशन) पर बैठक ली। रविवार को वे परिवार के साथ बिताएंगे। दिल्ली में सोमवार को उनकी लिखी पुस्तक  गुड इॅकोनोमिक्स फॉर हार्ड टाइम्स बेटर आंसर टू ऑवर बिगेस्ट प्रॉब्लम का विमोचन होगा। इसकी टेलीकॉस्ट का अधिकार एनडीटीवी को दिया गया है। इससे मिलने वाला पैसा उनके एनजीओ के ट्रस्ट को जाएगा। अभिजीत दिल्ली में किसी भी व्यक्ति से नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने भारत आने से पहले ही सारा शेड्यूल फिक्स कर रखा है। मंगलवार को वे अपनी मां से मिलने कोलकाता जाएंगे।
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