केंद्र सरकार के सफदरजंग अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा किया जाता है, लेकिन यहां मरीज और उनके परिजनों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है। एक बिस्तर पर कई मरीजों की तस्वीरें बाहर आने के बाद अब पीने के पानी की समस्या को लेकर डॉक्टर भी प्रबंधन की लापरवाही मान रहे हैं। मरीजों के परिजनों ने की साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर भी सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि अस्पताल के कुछ वार्ड में पीने का पानी तो कुछ के शौचालय तक में पानी नहीं है। वार्ड-5 में तीमारदार विवेक गुप्ता बताते हैं कि वे तीन दिन से अस्पताल में हैं। यहां शौचालय तक में पानी नहीं है। साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद खराब है। यहां तक की अस्पताल में कुछ जगहों पर पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है। पानी बाहर खरीदना पड़ रहा है या फिर घर से लाना पड़ रहा है।
वहीं, अस्पताल के मुख्य द्वार पर अतिक्रमण को लेकर भी बड़ी परेशानी देखने को मिल रही है। खानपान की दुकानें अस्पताल के मेन गेट तक लगी हुई हैं, जिसके चलते मेन गेट से किसी गाड़ी या एंबुलेंस का अंदर जाना भी मुश्किल हो जाता है। अस्पताल के लिए मेट्रो के गेट से निकलते ही सीवर का पानी जमा है, जहां से निकलना बेहद मुश्किल है। इससे बचते हुए दूसरी तरफ से निकल कर जाएं तो आगे अतिक्रमण और भीड़ निकलने में बाधा बन जाती है।
ऐसे में सवाल यह है कि यदि केंद्र सरकार और देश के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक अस्पताल का यह हाल है तो बाकी अस्पतालों की स्थिति का अंदाजा भली-भांति लगाया जा सकता है।