केंद्र सरकार ने महंगे प्याज से राहत देने के लिए नासिक से कांदा एक्सप्रेस चलाकर 453.65 टन प्याज दिल्ली पहुंचाया। बफर स्टॉक के इस प्याज को 35 रुपये किलो की दर से उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का दावा भी किया गया। लेकिन शनिवार को राजधानी के बाजारों में इस दावे की तस्वीर उलट नजर आई।
सफल स्टोर पर प्याज 52 से 60 रुपये किलो और खुले बाजार में 60 से 70 रुपये किलो तक बिकता मिला। यानी सरकार की घोषित कीमत और उपभोक्ता की जेब से निकल रही कीमत के बीच 25 से 35 रुपये किलो तक का अंतर है।
बाजार में 60-70 रुपये, दुकानदार बोले-सरकारी स्टॉक नहीं
सीमापुरी में प्याज बेच रहे हसमुद्दीन के मुताबिक, ग्राहक लगातार पूछ रहे हैं कि जब सरकार 35 रुपये किलो प्याज दे रही है तो बाजार में 60 रुपये क्यों। उनका कहना है कि उनके पास सरकारी स्टॉक नहीं आता। मंडी से जिस भाव पर प्याज मिलता है, उसी हिसाब से खुदरा कीमत तय करनी पड़ती है। लक्ष्मी नगर के दुकानदार अबरार ने कहा कि सरकारी सप्लाई बढ़ने का असर थोक बाजार में आने में समय लगेगा। खरीद कीमत कम होने पर ही खुदरा भाव नीचे आएगा।
453 टन प्याज दिल्ली पहुंचा, मोबाइल वैन से बिकेगा
कांदा एक्सप्रेस के जरिए सरकार उत्पादन क्षेत्र से बड़े उपभोग केंद्रों तक प्याज पहुंचाकर कीमतों पर दबाव कम करना चाहती है। पहली खेप दिल्ली पहुंच चुकी है। मोबाइल वैन के जरिये भी सस्ता प्याज बेचने की व्यवस्था की गई है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके इलाकों में उन्हें 35 रुपये किलो प्याज बेचने वाली मोबाइल वैन दिखाई ही नहीं दी।
सफल स्टोर पर भी नहीं मिला 35 वाला प्याज
उद्यान मार्ग स्थित सफल स्टोर पर प्याज 52 से 60 रुपये किलो मिला। पंचकुईया मार्ग स्थित सफल स्टोर पर भी भाव 60 रुपये किलो था। प्याज खरीदने पहुंचीं सुमन लता ने कहा कि 35 रुपये किलो प्याज मिलने की खबर से उम्मीद थी लेकिन सफल स्टोर पर भी 50 रुपये से ज्यादा कीमत मिलने से निराशा हुई। एक अन्य ग्राहक अनीता ने कहा कि 35 रुपये किलो की खबर सुनकर उम्मीद बनी थी। पर, बाजार और स्टोर दोनों जगह कीमत ज्यादा मिली। घोषणा और दुकान के रेट में इतना अंतर समझ में नहीं आ रहा है।
सरकारी व बाजार भाव में 35 रुपये का फासला
जगह प्याज का भाव
सरकार का घोषित बफर स्टॉक रेट 35 रुपये/किलो
सफल स्टोर 52-60 रुपये/किलो
खुला बाजार 60-70 रुपये/किलो