दिल्ली-एनसीआर को अगले 15 दिन तक प्रदूषण से राहत नहीं मिलने जा रही है। पर्यावरण में नमी के कारण बन रहे दबाव के चलते प्रदूषण अपना पूरा असर दिखाएगा। ये चेतावनी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने वायु प्रदूषण सघन जांच अभियान की शुरुआत के मौके पर दी। उन्होंने कहा कि इस दौरान केंद्र और एनसीआर से जुड़े 5 राज्यों की सरकारें मिलकर प्रदूषण फैलने से रोकने के लिए सघन अभियान चलाएंगी।
इससे पहले एनसीआर से जुड़े पांच राज्यों के अधिकारियों व मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री की तरफ से राज्यों को प्रदूषण रोकने के उपाय नहीं अपनाने पर चेतावनी दी गई, जिस पर राज्यों ने अपने तर्क रखे। लेकिन पर्यावरण मंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदूषण खत्म करने के लिए एक हजार करोड़ रुपये का बजट तय किया था, जिसमें से 581 करोड़ रुपये राज्यों को मिल चुके हैं। इसके बावजूद पिछले साल के मुकाबले महज 30 फीसदी किसानों को पराली जलाने से रोका जा सका है। केंद्रीय मंत्री ने इस स्थिति से केंद्र सरकार के खुश नहीं होने की बात राज्यों को बताई और कहा कि अगले 10 दिन में इस स्थिति को बदला जाए। उन्होंने खासतौर पर पंजाब को इस मामले में कड़ी चेतावनी दी।
यूपी, हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के मंत्री रहे गायब
प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए उठाए जा रहे कदमों में एनसीआर से जुड़े जिलों वाले राज्यों की कितनी रुचि है, इसका नजारा इस अहम बैठक में बृहस्पतिवार को देखने को मिला। जहां दिल्ली ने अपने पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन को भेजा, वहीं उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के पर्यावरण मंत्री इस बैठक से गायब रहे। इन राज्यों ने अपने अधिकारियों को बैठक में हिस्सेदारी करने के लिए भेज दिया। इस बात से जहां केंद्रीय पर्यावरण मंत्री नाराज दिखे, वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट करते हुए इन राज्यों पर गंभीरता नहीं बरतने का आरोप लगाया। बता दें कि ये हाल तब है जब एनसीआर के जिलों में भी दिल्ली की ही तरह प्रदूषण का स्तर अति गंभीर आंका जा रहा है।
स्कूलों के लिए अस्थमा अटैक मैनुअल जारी
डॉ. हर्षवर्धन ने लंग्स केयर फाउंडेशन के साथ मिलकर स्कूलों में प्रदूषण के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से बचने और स्कूल प्रबंधनों को इसके लिए एतिहयात बरतने के सुझावों वाला मैनुअल भी जारी किया।
केंद्र ने दिए निर्देश, ग्रीन पटाखों की ही हो बिक्री
केंद्र सरकार ने राज्यों के पुलिस प्रशासन को साफ कर दिया है कि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने वाले पटाखों को ही बिक्री के लिए लाइसेंस दिया जाए। यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण सचिव सीके मिश्रा ने दी है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत केवल ग्रीन पटाखों के मानकों के तहत बनाए गए पटाखे ही इस बार बिकेंगे। इसके लिए पुलिस को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।