रेलमंत्री ने नई ट्रेनों की घोषणा तो कर दी लेकिन पुरानीं ट्रेनें अभी चलनी शुरू भी नहीं हुई हैं। शहरवासियों में इसे लेकर रोष भी दिखा।
दैनिक यात्री संघ के सचिव एमबी दूबे बिजनौरी ने रेल बजट को अमीरों के लिए बताया है। उन्होंने कहा कि गरीबों को कुछ नहीं मिला है। लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्री किस तरह सफर करते हैं इसका कोई ख्याल नहीं किया गया।
गाजियाबाद-दिल्ली के बीच एक भी नई ईएमयू नहीं चलाई गई, जबकि रोजाना हजारों की संख्या में यात्री सफर करते हैं।
मॉडल स्टेशन पर सुविधा थर्ड क्वालिटी
यात्रियों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रेल मंत्री ममता बनर्जी ने गाजियाबाद स्टेशन को मॉडल स्टेशन की श्रेणी में शामिल किया था। कई अन्य घोषणा हुई थी, लेकिन इनमें से एक भी पूरी नहीं हुई।
स्टेशन पर न तो होम प्लेटफार्म बना और न ही यात्रियों के ठहरने के लिए डोरमेट्री का निर्माण हुआ। बुजुर्गों और विकलांगों के लिए स्वत:चलित सीढ़ियां भी नहीं बनीं।
रेल बजट से क्या मिला
- भगत की कोठी-काठगोदाम रानीखेत एक्सप्रेस का रूट बढ़ाकर जैसलमेर तक किया
यात्रियों की मांग
- गाजियाबाद-दिल्ली, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ के बीच ट्रेनें बढ़ें
- स्टेशन के मुख्यद्वार पर होम प्लेटफार्म का निर्माण
- वीआईपी कार पार्किंग, स्कूटर-साइकिल स्टैंड का निर्माण
- विजयनगर सेकेंड एंट्री पर डोरमेट्री का निर्माण
- पूछताछ केंद्र, स्वत:चलित सीढ़ियां, फूड प्लाजा
- ट्रेनों की जानकारी के लिए टच स्क्रीन मशीन
- प्लेटफार्म पर कोच इंडीकेशन सिस्टम
- सेकेंड एंट्री पर आरक्षण केंद्र बनाया जाए
- नया गाजियाबाद स्टेशन पर पूछताछ सेवा
एक साल में क्या मिला
- स्टेशन की बिल्डिंग को नया लुक
- प्रवेशद्वार पर जाम का झाम खत्म
- वीआईपी कार पार्किंग, फूड प्लाजा
- रेलवे कालोनी का सौंदर्यीकरण
- स्टेशन सीसीटीवी कैमरे से लैस
- स्टेशन के दोनों तरफ लगेज स्कैनर मशीन