दिल्ली हाईकोर्ट ने आईएनए स्मारक संबंधी पीआईएल खारिज की, कहा-कोई मौलिक अधिकार नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) के शहीदों के स्मारक निर्माण संबंधी एक जनहित याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकार के प्रेस विज्ञप्ति में किए वादे से कोई मौलिक अधिकार पैदा नहीं होता और यह नीतिगत मामला है, जिसमें अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने स्वतंत्रता सेनानी लालती राम ट्रस्ट द्वारा दायर याचिका पर यह फैसला सुनाया। याचिका में केंद्र सरकार को दिल्ली के लाल किले पर आईएनए शहीदों का स्मारक बनाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि 2021 में सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दिए गए वादे को पूरा न करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। अदालत ने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति में की गई घोषणाएं किसी को भी अदालत में प्रवर्तनीय अधिकार नहीं देती