दिल्ली में वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण और जाम की समस्या दूर करने के लिए 8 टोल प्लाजा रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) से लैस कर दिए गए हैं।
आरएफआईडी टैग के बगैर दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी वाणिज्यिक वाहनों पर रोक लगा दी गई है। सोमवार से दिल्ली की सीमाओं पर स्थित 8 टोल प्वाइंट पर इसका शुभारंभ किया गया।
4 प्वाइंट को भी 10 जुलाई तक इस सुविधा से लैस किए जाने की उम्मीद है, लेकिन कालिंदी कुंज में इस प्रणाली को लागू करने में देरी हो सकती है। जरूरी फल, सब्जियां, अन्य खाद्य उत्पादों सहित एलपीजी, पेट्रोल को लेकर दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों को पर्यावरण स्वच्छता शुल्क (ईसीसी) से मुक्त रखा है।
दिल्ली में कुल 20 टोल प्वाइंट हैं, जिनमें 13 प्वाइंट को आरएफआईडी से लैस किया जाना है। आया नगर, रजोकरी, कापसहेड़ा, कुंडली, डीएनडी, शाहदरा के दो टोल प्वाइंट और टीकरी पर इसकी शुरूआत हो गई है।
दक्षिणी निगम के अधिकारियों का कहना है कि बदरपुर और गाजीपुर के 2-2 टोल प्वाइंट को भी 10 जुलाई से आरएफआईडी प्रणाली युक्त कर दिया जाएगा। हालांकि, अभी भूमि अधिग्रहण मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार से बातचीत चल रही है।
कियॉस्क के जरिये आरएफआईडी टैग की बिक्री
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ईपीसीए के दिशा-निर्देश पर दक्षिणी निगम की ओर से टोल प्वाइंट पर आरएफआईडी प्रणाली शुरू हुइ है। वाहन चालकों की सुविधा के लिए कियॉस्क लगाए गए हैं। साथ ही, मोबाइल कियॉस्क के जरिये भी लोगों को टैग बेचे जा रहे हैं। अभी तक करीब 4600 टैग बेचे जा चुके हैं, जिनमें अधिकतर टैक्सी के हैं। कुछ जगहों पर टैग के बगैर प्रवेश करने वाले वाहनों पर पाबंदी लागू किए जाने से विवाद होने का खतरा भी बढ़ गया है।
अभी भी लिए जा सकते हैं टैग
वाणिज्यिक वाहनों के लिए आरएफआईडी टैग अनिवार्य किए जाने का असर दिखने लगा है। बगैर टैग लगे वाहनों को प्रवेश की इजाजत नहीं है। आरएफआईडी टैग नहीं लिए हैं तो अभी भी वाहनों के लिए टैग मुहैया कराने की सुविधा है।