फरीदाबाद में चल रहे 31वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला भले ही पूरी तरह कैशलेस न हुआ हो, लेकिन इसका असर मेले के कारोबार पर नहीं पड़ा है। देश-विदेश से आ रहे पर्यटक न केवल सूरजकुंड मेले में मौजमस्ती कर रहे हैं बल्कि दिल खोल कर खरीदारी भी की जा रही है।
मेला प्रशासन की मानें तो एक सप्ताह में पांच लाख से ज्यादा लोगों ने मेला देखा और चार करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी भी की। खास बात यह है कि 50 फीसदी से ज्यादा कारोबार कैश में हुआ है, यानि मेला देखने के लिए आने वाले अधिकांश पर्यटक खरीदारी के लिए जेब में नोट लेकर आ रहे हैं।
मेला प्रशासन की तरफ से इस बार एक हजार से ज्यादा शिल्पकारों के स्टॉल लगाए गए हैं। हालांकि, नोटबंदी के तीन महीने बाद आयोजित हो रहे इस अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मेले पर मंदी की मार की चिंता अधिकारियों को भी सता रही थी, लेकिन मेला शुरू होने के बाद रफ्तार पकड़ रहे कारोबार को देख अधिकारियों से लेकर शिल्पकारों तक के चेहरे खिल गए हैं। शिल्पकारों के अनुसार महिलाओं ने खरीदारी में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है।
यह बात अलग है कि मेला शुरू होने के आठ दिन बाद भी एक हजार में से महज 42 स्टॉल पर ही पीओएस मशीनें लगाई गई हैं। डिजिटल मोड से खरीदारी में इंटरनेट की बाधा सामने आ रही है लेकिन इसका असर खरीदारी पर नहीं पड़ा है। पर्यटक कैश भुगतान कर सामान खरीदने को तरजीह दे रहे हैं।
आठ एटीएम, भरपूर कैश
नोटबंदी का असर मेले के कारोबार पर न पड़े, इसके लिए आठ एटीएम इस बार स्थापित किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों के मुताबिक प्रत्येक एटीएम में कैश की क्षमता 70 लाख रुपये है। रोजाना एटीएम में पैसा डाला जा रहा है। ऐसे में मेले में आ रहे पर्यटकों को यहां आसानी से कैश भी मिल रहा है। एटीएम पर किसी तरह की लाइन देखने को नहीं मिल रही है। मेला परिसर में सरकारी बैंक की अस्थायी शाखा खोली गई है, जिसमें शिल्पकार रोजाना 20 से 25 लाख रुपये जमा करा रहे हैं। खाताधारकों के साथ गैरखाताधारकों को यह सुविधा दी जा रही है।
जेल की स्टॉल आ रही पसंद
जेल के बंदियों के हाथ का हुनर मेले में हाथोंहाथ बिक रहा है। बंदियों द्वारा तैयार किए गए सामान को यहां स्टॉल पर उपलब्ध कराया गया है। अब तक तीन लाख रुपये की खरीदारी यहां से दर्शक कर चुके हैं। दो लाख रुपये से ज्यादा की खरीदारी कैश में हुई है।-बिजेंद्र, उपाधीक्षक, नीमका जेल
ऑनलाइन के प्रति जागरुकता
अभी तक मेले में 42 पीओएस मशीन दी जा चुकी हैं। इसके साथ बैंक के अधिकारी स्टॉल पर जाकर शिल्पकारों को ऑनलाइन पेमेंट के लिए जागरूक कर रहे हैं। दर्शकों के साथ शिल्पकारों को हर प्रकार की सुविधा बैंक प्रबंधन की तरफ से उपलब्ध कराई गई है।-बीएल मीना, मुख्य प्रंबधक, देना बैंक
खरीदारी में नहीं कोई तकलीफ
हमारी तरफ से मेले को कैशलेस बनाने के लिए पूरा प्रयास किया गया है। पर्यटकों को खरीदारी करने में कोई तकलीफ नहीं हो रही है। कैश के लिए एटीएम की पर्याप्त सुविधा दी गई है, डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए पीओएस मशीनें दी जा रही हैं।-राजेश जून, मेला अधिकारी