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जेएनयू छात्र नजीब का एक साल बाद भी सुराग नहीं, हाईकोर्ट ने CBI को लगाई कड़ी फटकार

Tue, 17 Oct 2017 01:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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नजीब अहमद (फाइल फोटो)
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जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद का एक साल बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। हाईकोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए सीबीआई को  फटकार लगाई है। मामले की जांच डीआईजी के बजाय इंस्पेक्टर स्तर का अधिकारी कर रहा है। इस बात पर भी हाईकोर्ट ने एजेंसी को आड़े हाथों लिया है।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने एजेंसी की स्टेटस रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें उन छात्रों की कॉल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) का जिक्र नहीं जिसके बारे में एजेंसी के वकील ने अपनी जिरह में कहा था। यह रिपोर्ट बहुत निराश करने वाली है। इससे अधिक जानकारी तो दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दी थी।

कोर्ट ने कहा ऐसा लगता है सीबीआई जांच में दिलचस्पी नहीं ले रही है। सीबीआई के डीआईजी जांच की सही निगरानी नहीं कर रहे हैं। मामले की जांच इंस्पेक्टर स्तर का अधिकारी कर रहा है जबकि उन्होंने डीआईजी को जांच करने का निर्देश दिया था।
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कोर्ट ने पहले कहा कि डीआईजी अगली तारीख पर खुद पेश होकर रिपोर्ट पेश करें कि अब तक जांच में क्या किया गया है। सीबीआई के वकील द्वारा बेहतर रिपोर्ट पेश किए जाने के आश्वासन पर डीआईजी को छूट दे दी गई।

वहीं, याचिकाकर्ता फातिमा नफीस की वकील कामिनी जायसवाल ने कोर्ट को बताया कि सीबीआई ने जांच में लापरवाही की है। एजेंसी ने अब तक उन छात्रों की सीडीआर नहीं खंगाली है जिन्होंने नजीब के साथ कथित रूप से मारपीट की थी। उस समय उनकी लोकेश कहां थी, इसका भी पता नहीं लगा है।

मामले की सुनवाई के दौतरान हाईकोर्ट ने पॉलीग्राफ जांच के लिए दायर अर्जी पर सुनवाई के लिए 24 जनवरी 2018 की तारीख देने पर हैरानी जताई है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत से इस को मामले में लंबी तारीखें नहीं देने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि केवल आरोपियों का ही नहीं बल्कि नजीब के परिजनों का भी पॉलीग्राफ होना चाहिए

नजीब के साथ क्या हुआ, यह पता लगना चाहिए। नजीब के परिजनों के वकील ने कहा कि उन्हें टेस्ट से कोई आपत्ति नहीं है। यह निर्देश अदालत ने नजीब की मां फातिमा नफीस की याचिका पर सुनवाई करते हुये दिया है। जेएनयू में एमएससी का छात्र 15 अक्टूबर 2016 से लापता है।
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