संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों के संचालन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। रात के समय तेज रफ्तार से दौड़ते ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर आम लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिदिन सैकड़ों ओवरलोड वाहन विभिन्न मार्गों से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
पुन्हाना-होडल रोड पर स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। रात में ये वाहन तेज गति से फर्राटा भरते हैं, जिससे अन्य चालकों व राहगीरों को भारी परेशानी होती है। कई बार लोग इनसे बचने के लिए सड़क किनारे उतरने को मजबूर हो जाते हैं।
लोगों का आरोप है कि ये वाहन पुन्हाना सिटी, बिछोर और पिनगवां थाना क्षेत्रों के सामने से भी गुजरते हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती। कुछ असामाजिक तत्व बिना रोक-टोक निकलवाने के नाम पर अवैध वसूली भी करते हैं। हाल ही में कुछ ओवरलोड वाहनों को पकड़ने के बाद ले-देकर छोड़ने की चर्चाएं भी रहीं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों से सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं और हादसों की आशंका बनी रहती है।
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गलत दिशा में दौड़ रहे ईंटों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली, बढ़ा रहे हादसों का खतरा
पुन्हाना-होडल रोड पर रात के समय ईंटों से भरे सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इनमें से अधिकांश वाहन गलत दिशा में चलकर न केवल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि अन्य वाहन चालकों व राहगीरों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार रात के अंधेरे में सामने से गलत दिशा में आते ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक दिखने पर दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। अधिकांश वाहनों में रिफ्लेक्टर, इंडिकेटर और पर्याप्त लाइटें नहीं होतीं, जिससे दूर से पहचान करना मुश्किल हो जाता है। तेज रफ्तार दोपहिया व चारपहिया चालक अक्सर असमंजस में आ जाते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। ईंट भट्टों से जुड़े इन वाहनों की रात में आवाजाही अधिक रहती है, लेकिन प्रशासन निगरानी में नाकाम है।
जिले में आवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। अवैध मिलीभगत कर वाहनों को निकालने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी।
- अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक नूंह।