हाईकोर्ट ने कंडोम के विज्ञापन प्रसारित करने के समय को निश्चित करने वाली केंद्र सरकार की अधिसूचना को रद्द करने से इंकार कर दिया है।
केंद्र सरकार ने यह विज्ञापन सुबह 6 से रात 10 बजे तक प्रसारित करने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि वह सरकार के नीतिगत निर्णयों में दखल नहीं देगी।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने कहा सरकार का कोई निर्णय जब तक संविधान का उल्लंघन ना करे, तब तक कोर्ट उसमें दखल नहीं देगी।
कोर्ट ने यह भी कहा कि वह इस विषय की एक्सपर्ट नहीं है और इस मामले में संवैधानिक प्रावधानों या किसी अन्य कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है। याचिका खारिज करते हुए कहा कि इन तथ्यों के मद्देनजर सरकार के निर्णय में दखल देने का कोई कारण नहीं है।
पेश याचिका दायर केंद्र सरकार के 11 दिसंबर 2017 की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई थी जिसमें सुबह 6 से रात 10 बजे तक कंडोम के विज्ञापन के प्रसारण पर रोक लगा दी गई थी।
याचिकाकर्ता सरिता बरपांडा ने याचिका में कहा था कि इन विज्ञापनों को अश्लील होने के आधार पर रोक लगाई गई थी, लेकिन इसमें यह नहीं बताया गया था कि यह विज्ञापन किस तरह अश्लील या उत्तेजक थे।