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परिचालकों की हड़ताल से एसी सिटी बस सेवा ठप

Wed, 14 Jun 2017 09:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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एनएमआरसी के पर‌िचालक हड़ताल पर और ठप हुई बस सेवा - फोटो : अमर उजाला
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नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) की एसी सिटी बस सेवा मंगलवार को शहर में ठप रही। सिटी बस के परिचालक मंगलवार को काम पर नहीं पहुंचे और हड़ताल पर रहे। बताया जा रहा है कि बसों में बिना टिकट यात्रियों को ले जाने पर हुई कार्रवाई के बाद वह प्रबंधन से नाराज हैं। इसके अलावा कम वेतन मिलने से भी वह खुश नहीं हैं।
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अधिकारियों के मुताबिक पिछले दो से तीन माह में ऐसे 64 मामले सामने आए, जिसमें बिना टिकट यात्रियों को बसों में बैठाने का मामला सामने आया। एनएमआरसी के सूत्रों के मुताबिक सभी को बर्खास्त कर दिया गया। इस मामले में बरती जा रही कड़ाई से अन्य परिचालक भी नाराज हो रहे थे।

अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को एक भी परिचालक डिपो नहीं आया। इस वजह से एनएमआरसी की सिटी बस सेवा बाधित रही। यह सेवा सुबह पांच बजे से शुरू हो जाती है। लेकिन मंगलवार को बसें नहीं चलने से पहले से घाटे में चल रही बसों को और घाटा लगा।
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सुबह करीब दस बजे कुछ परिचालक डिपो पहुंचे। लेकिन उनका मकसद बसों को रूट पर ले जाना नहीं था। इस वजह से यह सेवा बाधित रही। अधिकारियों का कहना है कि सेवा पर नहीं आने वाले सभी 139 परिचालकों के खिलाफ एनएमआरसी एक्शन लेगा और इनकी एजेंसी को पत्र लिखा जाएगा। इसके अलावा बुधवार को सिटी बस सेवा को बहाल करने के लिए परिचालकों की व्यवस्था कर ली गई है। वही बसों को रूट पर ले जाएंगे।

इस बाबत एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक और प्राधिकरण के डीसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी ली और मसले को हल कराने को कहा। दूसरी ओर परिचालकों ने कहा कि हमारे साथ शोषण हो रहा है। हमें केवल 6800 रुपए प्रतिमाह मिल रहा है। जबकि हम 14 से 18 घंटे तक काम करते हैं। अगर कहीं से कोई भी शिकायत कर देता है तो हमारे 3000 से  5000 रुपए तक काट लिए जाते हैं।

परिचालकों का प्रबंधन पर आरोप
परिचालकों ने डिपो प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका व्यवहार और बातचीत का तरीका ठीक नहीं है। थोड़ी-थोड़ी देर पर गाड़ी चेक की जाती है और प्राइवेट लोग गाड़ी चेक करते हैं। उनकी ओर से हमें धमकाया जाता है। उनका कहना है कि रोडवेज के नियमों के मुताबिक बिना टिकट अगर 9 यात्री पकड़े जाते हैं तो परिचालक पर कार्रवाई होती है। लेकिन यहां एक बिना टिकट यात्री के मामले में भी बर्खास्त कर दिया जा रहा है। कई सारी तकनीकी वजहों से भी बिना टिकट यात्री होते हैं। लेकिन उनकी एक नहीं सुनी जाती और कार्रवाई होती है। लिहाजा उनकी ओर से आमरण अनशन आगे भी जारी रहेगा और बसें नहीं चलने दी जाएंगी।

पहले चरण में चल रही हैं 50 एसी बसें
एनएमआरसी की ओर से बीते वर्ष एसी सिटी बस सेवा की शुरूआत की गई। पहले दिन 20 बसों के साथ सेवा शुरू हुई, जो कि अब 50 बसों तक पहुंच गई है। यह 50 बसें शहर के 7 रूटों पर चल रही हैं।

यात्रियों की शिकायत पर शुरू हुई थी चेकिंग
यात्रियों की शिकायत के बाद एनएमआरसी ने चेकिंग दस्ते का गठन करते हुए बसों की जांच शुरू की थी। इस जांच में पाया गया कि बसों के चालक-परिचालक बिना टिकट यात्रियों को बैठाकर ले जा रहे हैं। इस मामले में शुरूआती दौर में कई परिचालकों को बर्खास्त भी किया गया। इसके साथ ही परिचालकों को नौकरी दिलाने वाली एजेंसी को भी इस बारे में आगाह किया गया। लेकिन यह सिलसिला नहीं थमा।
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