नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो जल्द शुरू होने जा रही है। ऐसे में एनएमआरसी ने उसे संचालित करने वाले स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों के लिए आवास का इंतजाम कर लिया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से 400 करोड़ रुपये में सेक्टर ओमीक्रॉन वन और वन ए में 826 फ्लैट खरीदे हैं। इसका फैसला हाल ही में संपन्न बोर्ड बैठक में हुआ था।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर ओमीक्रॉन वन व वन ए में 1200 से अधिक टू बीएचके व थ्री बीएचके फ्लैट बनाए गए हैं। अधिकतर फ्लैट बनकर तैयार हैं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो शीघ्र चलनी शुरू होगी। उसके लिए तमाम स्टाफ को घर दिया जाना है। सुरक्षा में तैनात पीएसी के रहने की जगह चाहिए थी।
एनएमआरसी ने पहले तो जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था। प्राधिकरण ने अपने बने हुए फ्लैटों को खरीदने का सुझाव रखा, जिसे एनएमआरसी ने स्वीकार कर लिया। हाल ही में बोर्ड बैठक हुई, जिसमें इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई। प्राधिकरण ने टू बीएचके के 826 फ्लैट एनएमआरसी को दिए हैं।
एक फ्लैट की कीमत करीब 58 लाख रुपये तय की गई है। इस हिसाब से एनएमआरसी से करीब 400 करोड़ रुपये मिलेंगे। ये सभी डीलक्स फ्लैट हैं। अधिकतर बन चुके हैं, जिससे एनएमआरसी जब भी पजेशन के लिए कहेगा तो उसे इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
तीन से चार साल पहले ये बनने शुरू हुए थे। ये बिक नहीं पा रहे थे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि एनएमआरसी को फ्लैट देने पर बोर्ड से ही मुहर लग चुकी है। ये फ्लैट बनकर तैयार हैं। एनएमआरसी के स्टाफ के आ जाने से इन सेक्टरों में भी आबादी बस जाएगी।
स्कीम से 11 आवेदन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर ओमीक्रॉन वन और वनए के फ्लैटों के लिए करीब डेढ़ माह पहले स्कीम निकाली थी। अब तक सिर्फ 11 आवेदन आए हैं। इसकी वजह बाजार दर से अधिक कीमत को बताया जा रहा है। हालांकि प्राधिकरण का कहना है कि बिल्डर फ्लैटों की तुलना में इन फ्लैटों का एरिया अधिक है इसलिए खरीदने वालों को रेट अधिक नहीं पड़ेगा।