दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कोरोना महामारी फैलाने के आरोपी निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के आयोजकों के खिलाफ दर्ज मामले में जांच जोर-शोर से शुरू कर दी है। इसमें पता चला है कि मौलाना मो. साद 28 मार्च को ही गायब हो गए थे। अपराध शाखा की टीमों ने कागजों को वेरीफाई करना शुरू कर दिया है। पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। इसमें वादी निजामुद्दीन थाना प्रभारी मुकेश वालिया हैं।
अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि मो. साद की तलाश दिल्ली के जाकिर नगर, जामिया नगर व शाहीन बाग और यूपी के मुजफ्फरनगर व कांधला में चल रही है। वह कांधला का ही रहने वाले हैं। निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज में वह काफी समय से मौलाना हैं।
बताया जा रहा है कि वह मरकज से 28 मार्च को गायब हो गया था। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में साद समेत सात लोगों को नामजद किया गया है। बुधवार देर शाम तक इनमें से किसी को पकड़ा नहीं गया था। अपराध शाखा की टीम बुधवार को निजामुद्दीन थाने पहुंची और कागजों को वेरीफाई करना शुरू कर दिया।
थाना पुलिस का कहना है कि पुलिस ने 23 व 28 मार्च को मरकज के आयोजकों को नोटिस दिया था। 23 मार्च को आयोजकों को निजामुद्दीन थाने में बुलाकर सारी बातें बताई गई थीं। इसके बावजूद आयोजकों ने कुछ नहीं किया।