दिल्ली की एक अदालत ने वीजा शर्तों का कथित तौर पर उल्लंघन कर राष्ट्रीय राजधानी के निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीगी जमात के मरकज के एक आयोजन में शामिल होने के मामले में 8 देशों के 76 लोगों को गुरुवार को जमानत दे दी है । मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहिना कौर मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहिना कौर ने दस हजार रुपये के निजी मुचलके पर विदेशियों को जमानत दी।
कुछ विदेशी नागरिकों की ओर से पेश वकील आशिमा मंडला ने कहा कि आरोपी शुक्रवार को अपनी अर्जी दायर करेंगे। सुनवाई के दौरान, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी विदेशी नागरिकों को अदालत में पेश किया गया।
आरोपियों के लिए पेश हुए वकील दाकिनी सिंह, फहीम खान और अहमद खान ने बताया कि विदेशी नागरिक माली, नाइजीरिया, श्रीलंका, केन्या, जिबूती, तंजानिया, दक्षिण अफ्रीका और म्यांमार से हैं।
बुधवार को 21 देशों के नागरिकों को मिली थी जमानत
इससे पहले बुधवार को दिल्ली की एक अदालत इसी मामले में 21 देशों के नागरिकों को बुधवार को जमानत दी थी। इन लोगों पर वीजा शर्तों का उल्लंघन करने के अलावा अवैध रूप से मिशनरी गतिविधियों में शामिल होने और देश में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर जारी किए गये सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप था।
मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहिना कौर ने दस हजार रुपये के निजी मुचलके पर विदेशियों को जमानत दी थी ।
सुनवाई के दौरान ये सभी विदेशी नागरिक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत के समक्ष पेश हुए। ये विदेशी लोग अफगानिस्तान, ब्राजील, चीन, अमेरिका, यूक्रेन, ऑस्ट्रेलिया, मिस्र, रूस, अल्जीरिया, बेल्जियम, सऊदी अरब, जॉर्डन, फ्रांस, कजाकिस्तान, मोरक्को, ट्यूनीशिया, ब्रिटेन, फिजी, सूडान, फिलीपीन और इथियोपिया के थे। अदालत ने इस मामले में मंगलवार को मलेशिया के 122 नागरिकों को जमनत दी थी।