निजामुद्दीन के मरकज में ठहरे 1500 से ज्यादा लोगों को मंगलवार तक यहां से निकाला जा चुका है। इनमें से 300 में कोरोना के लक्षण हैं। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और 700 को क्वारंटीन किया गया है। स्क्रीनिंग के दौरान ही इनमें से 24 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। इतने बड़े पैमाने पर मरीजों के मिलने से यह इलाका दिल्ली में कोरोना के संक्रमण का हॉटस्पॉट बन गया है।
राजधानी में धारा 144 लागू होने के बावजूद निजामुद्दीन इलाके में हुए धार्मिक जलसे में करीब 2000 लोग पहुंचे। मरकज में रहने वाले ये सभी कोरोना मरीज कई दिन से यहीं थे। इस दौरान वे आसपास के इलाके में भी गए होंगे। इन्होंने इलाके के लोगों में संक्रमण फैलाया होगा तो हालात बिगड़ सकते हैं।
उधर, पूर्वी दिल्ली का दिलशाद गार्डन भी कोरोना सक्रमण का हॉटस्पॉट है। यहां की निवासी दुबई से लौटी संक्रमित महिला ने संपर्क में आए अन्य 6 लोगों को भी चपेट में लिया है। महिला ने अपने परिजनों के साथ मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर को भी संक्रमित कर दिया। डॉक्टर ने संक्रमित महिला के संपर्क में आने के बाद दिलशाद गार्डन क्षेत्र के करीब 1000 लोगों की जांच की थी। इससे इन लोगों में भी संक्रमण का खतरा है।
मरकज की मस्जिद का नक्शा और इजाजत न होने की शिकायत
निजामुद्दीन स्थित मरकज मस्जिद में अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम की स्थायी समिति के उपाध्यक्ष राजपाल ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। शिकायत में उन्होंने कहा है कि मस्जिद का भवन भूतल से ऊपर सात मंजिल और बेसमेंट में दो मंजिल तक बना हुआ है। इसका निर्माण बिना किसी नक्शे और बिना किसी अनुमति के हुआ है। उन्होंने इस इमारत को सील करने के साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की अपील की है।