डीएनडी की ओर से आगे बनने वाले इस नौ किलोमीटर लंबे हिस्से में करीब 7.50 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर है, जबकि आगरा कैनाल के आगे जैतपुर पुश्ता रोड तक लगभग 1.50 किलोमीटर सड़क सतह पर बनाई गई है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को डीएनडी महारानी बाग से जैतपुर पुश्ता रोड तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के नौ किलोमीटर लंबे हिस्से समेत कुल 59 किलोमीटर परियोजना का निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
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डीएनडी की ओर से आगे बनने वाले इस नौ किलोमीटर लंबे हिस्से में करीब 7.50 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर है, जबकि आगरा कैनाल के आगे जैतपुर पुश्ता रोड तक लगभग 1.50 किलोमीटर सड़क सतह पर बनाई गई है। निरीक्षण के दौरान गडकरी फरीदाबाद को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की प्रगति भी देखेंगे। इसके बाद वह डीएनडी महारानी बाग छोर पर मीडिया को परियोजना से जुड़ी जानकारी देंगे।
इस खंड का निर्माण कार्य 11 जनवरी 2022 को शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2025 तक पूरा किया जाना था। हालांकि आगरा कैनाल के ऊपर बनाए जा रहे स्टील नेटवर्क आर्क ब्रिज के निर्माण में देरी के कारण परियोजना की समयसीमा प्रभावित हुई।
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एनएचएआइ अधिकारियों के अनुसार, आगरा कैनाल पर बन रहा 140 मीटर लंबा नेटवर्क आर्क ब्रिज देश में अपनी तरह का सबसे लंबा ब्रिज होगा। इससे पहले 132 मीटर लंबाई का नेटवर्क आर्क ब्रिज रिकॉर्डधारी था। ऐसे ब्रिज आमतौर पर मेट्रो कॉरिडोर या नहरों के ऊपर बनाए जाते हैं, जहां लंबा स्पैन और कम बाधा की आवश्यकता होती है।
अधिकारियों का कहना है कि ब्रिज का भार परीक्षण पूरा होने के बाद इस हिस्से को जून में यातायात के लिए खोलने की तैयारी है। इसके शुरू होने से दक्षिणी दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच आवागमन अधिक तेज और सुगम होने की उम्मीद है।