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मेरठ जेल में होगी 'नरपिशाच' कोली को फांसी

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निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली को अब मेरठ जेल में ही फांसी दी जाएगी। इसके लिए मेरठ कारागार प्रशासन ने इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
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बृहस्पतिवार शाम 6 बजकर 12 मिनट पर सुरेंद्र को गुपचुप तरीके से कड़ी सुरक्षा में डासना से मेरठ जेल शिफ्ट कर दिया गया। इसके साथ ही डासना जेल प्रशासन ने सुरेंद्र कोली के परिजनों को भी उसके डेथ वारंट संबंधी खबर विशेष वाहक द्वारा भिजवा दी है।

डासना जेल अधीक्षक एसपी यादव ने बताया कि सीबीआई विशेष न्यायाधीश एके गुप्ता द्वारा डेथ वारंट जारी करने के बाद से ही कोली को फांसी के लिए जेल की तलाश शुरू कर दी गई थी। क्योंकि डासना जेल में फांसी दिए जाने के इंतजाम नहीं हैं।
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बृहस्पतिवार को कोर्ट की इजाजत और उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद सुरेंद्र कोली को मेरठ जेल भेज दिया गया। जेल अधीक्षक ने बताया कि मेरठ जेल में फांसी दिए जाने के इंतजाम हैं। हालांकि उन्होंने फांसी के बारे में सही तारीख बताने में असमर्थता जताई। उनका कहना था कि संभवत 7 से 12 सितंबर के बीच कोली को फांसी दी जा सकती है।

बोला कोली, मैं निर्दोष हूं

डासना जेल अधीक्षक एसपी यादव के अनुसार सुरेंद्र कोली के डेथ वारंट के बारे में उसके परिजनों को अवगत करा दिया गया है। कोली का परिवार उत्तराखंड के अल्मोडा स्थित थाना जोली खाल क्षेत्र के एक गांव में रहता है।

डासना जेल से ही एक विशेष वाहक द्वारा कोली की मां कुंती देवी और पत्नी शांति देवी को सूचना भेजी गई थी। बता दें कि कोली के एक बेटी सिमरन और एक बेटा भी है।

डासना जेल प्रशासन ने बृहस्पतिवार सुबह सुरेंद्र कोली को उसके डेथ वारंट के बारे में जानकारी दी थी। जानकारी मिलने के बाद कोली गुमसुम हो गया था।

इसके बाद कारागार प्रशासन ने उसकी सुरक्षा और निगरानी भी बढ़ा दी थी। जेल अधीक्षक के अनुसार शाम के समय जब कोली को मेरठ जेल शिफ्ट किया जा रहा था तो उसका यही कहना था कि ‘अब जो होना है वो होगा ही, मगर मैं निर्दोष हूं।
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फिर अटकी मोनिंदर सिंह पंधेर की रिहाई

निठारी कांड के आरोपी और खूनी कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर की रिहाई फिलहाल टल गई है। बुधवार को भेजे गए उसके चार रिहाई परवानों में से दो वापस आ गए। पता चला कि इन परवानों में पूरी धाराएं नहीं हैं। ऐसे में अब इन्हें दोबारा से इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजा जाएगा।

निठारी कांड के आरोपी पंधेर के खिलाफ पांच मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। इन्हीं में पंधेर को अगस्त के पहले सप्ताह में हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद गाजियाबाद में सीबीआई विशेष न्यायाधीश एके गुप्ता ने पांचों मामलों में पांच-पांच लाख रुपये के दो-दो जमानती पेश किए जाने का आदेश जारी किया था।

बेलबांड पेश करने के बाद पांचों मामलों के दस्तावेज जांच के लिए भेजे गए थे। बुधवार को चार मामलों में सीबीआई विशेष कोर्ट ने पंधेर की रिहाई परवाने जारी किए थे, जोकि बृहस्पतिवार को धाराओं की कमी के चलते वापस आ गए।

सूत्र बताते हैं कि जमानती आदेश में हाईकोर्ट से ही संशोधन किया जा सकता है। इसके चलते करीब एक सप्ताह तक पंधेर की रिहाई अटक सकती है।
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