इससे पहले निर्भया की मां आशा देवी ने सजा में देरी होने को लेकर निराशा जाहिर की थीं। उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ढाई साल गुजर गए जबकि, दोषियों की पुनर्विचार याचिका को खारिज हुए 18 महीने बीत गए हैं। मैंने केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि आरोपियों को तुरंत फांसी दे दी जाए।
'हम पिछले सात साल से संघर्ष कर रहे हैं...'
निर्भया की मां ने ये भी था कहा कि अदालत को पुनर्विचार याचिका को सुनना चाहिए, लेकिन इस याचिका को पहले ही खारिज कर देना चाहिए था। हमारे पास कोई विकल्प नहीं है सिवाय सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकारने के।
हम पिछले सात साल से संघर्ष कर रहे हैं। कोर्ट को उनकी फांसी की तारीख की जल्द घोषणा कर देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के 2012 के उन वादों पर भी सवाल उठाए, जिनमें फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना व सीसीटीवी लगाने को कहा गया था, लेकिन वे अब तक पूरे नहीं हो सके हैं।