तिहाड़ जेल की ओर से हाईकोर्ट में पेश वकील राहुल मेहरा के मुताबिक, राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका खारिज होने के 14 दिन बाद ही दोषियों को फांसी दी जा सकेगी। ऐसे में मुकेश की याचिका समयपूर्व है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि वह 21 जनवरी को ट्रायल कोर्ट के पास जाएंगे। तब तक दया याचिका खारिज होती है, तब भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, दोषियों को 14 दिन की मोहलत वाला नया डेथ वारंट जारी करना होगा। ऐसे में किसी भी सूरत में 22 जनवरी को डेथ वारंट पर अमल संभव नहीं है।
पटियाला हाउस कोर्ट आज करेगी सुनवाई
हाईकोर्ट के डेथ वारंट के फैसले को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद मुकेश के वकीलों ने पटियाला हाउस कोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में अपील करने की सलाह दी थी।
निचली अदालत में मुकेश की ओर से दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष दायर करने की जानकारी देते हुए 22 जनवरी को फांसी देने के फैसले को रद्द करने की मांग की गई है। इस मामले में अदालत गुरुवार दोपहर दो बजे सुनवाई करेगी। कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली सरकार और निर्भया के माता-पिता को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
रविदास कैंप के निवासी भी हुए निराश
रविदास कैंप के निवासियों को निर्भया के दोषियों को फांसी देने में देरी होने के बारे में पता लगा तो वे निराश हो गए। तीन दोषी मुकेश, पवन और विनय रविदास कैंप में ही रहते थे। दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट पर 22 जनवरी को फांसी देने के फैसले से लोग खुश थे। उनका कहना था कि इन हैवानों को फांसी होने के बाद रविदास कैंप पर से रेपिस्ट की बस्ती के नाम का धब्बा हटेगा।