निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या में दोषियों की उम्र कैद की सजा बरकरार रखने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद निर्भया के माता-पिता ने कहा कि अदालत का फैसला समाज में रह रहे ऐसे लोगों के लिए संदेश है कि जो अपराध करके कानून से बच जाने की उम्मीद करते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने में देरी पर थोड़ी नाखुशी जरूर जाहिर की।
निर्भया की माता आशा देवी ने प्रेस वार्ता में कहा कि नाबालिग दोषी को उसको किए की सजा नहीं मिली इसका अफसोस हमेशा रहेगा, क्योंकि उसे कानून के मुताबिक सजा मिली। नाबालिग को सजा उसकी उम्र से नहीं उसके कृत्य से तय की जानी चाहिए थी।
इसके लिए कानूनी लड़ाई आगे भी लड़ेंगे। निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि निर्भया ज्योति फंड से दुष्कर्म पीड़िताओं की कानूनी और दूसरी मदद करते रहेंगे, इसमें मीडिया का साथ जरूरी है।