1. निर्भया के शरीर पर दोषियों के दांतों से काटने की निशान मिले थे। पुलिस ने पहली बार दोषियों के दांतों की फोटो ली। इसके बाद पीड़िता के शरीर से मिले दांतों के निशान से उनका मिलान करवाया गया। दो दोषियों के दांतों के निशान निर्भया के शरीर से मिले निशानों से मेल खा गए।
2. डीएनए सैंपल से भी केस को अंजाम तक पहुंचाने में मदद मिली। निर्भया के नाखूनों में मिले डीएनए से आरोपियों के डीएनए मैच करवाए गए। आरोपियों के डीएनए लेने के अलावा उनके फिंगरप्रिंट भी मैच करवाए गए। इन प्रिंट को बस से लिए गए फिंगर प्रिंट से मैच करवाया गया। दोषियों सबूत मिटाने के लिए निर्भया और उसके दोस्त के कपड़ों को जला दिया था उनके भी डीएनए सैंपल मैच करवाए गए।
3. वारदात के बाद दिल्ली पुलिस की एसआईटी को कई जगह की सीसीटीवी फुटेज मिली, जिस रास्ते से बस को गुजरते हुए देखा गया। उन सीसीटीवी फुटेज को जांच का हिस्सा बनाने के अलावा पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन को भी जांच का हिस्सा बनाया। इन सभी साक्ष्यों को कोर्ट के समक्ष रखा गया, जिसके बाद सभी दोषियों को फांसी सजा दिलवाने में मदद मिल सकी।