निर्भया के दोषियों की फांसी टलवाने के लिए बृहस्पतिवार को पटियाला हाउस कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान गुनहगारों के रिश्तेदार कोर्ट के बाहर फांसी का समर्थन कर रहे लोगों से भिड़ गए। मामला इतना गरमा गया कि दोषियों के रिश्तेदारों ने एक शख्स की पिटाई कर डाली।
दोषियों के रिश्तेदारों ने शख्स के कपड़े भी फाड़ डाले। इसके बाद मौके पर मौजूद कुछ अन्य लोगों ने बीच बचाव करवाकर झगडे़ को समाप्त करवाया। इस बीच लोगों ने दोषियों के वकील एपी सिंह का भी विरोध किया। इस दौरान कोर्ट के बाहर जमकर हंगामा हुआ।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे दोषियों की याचिका पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने सुनवाई शुरू की। इस दौरान कोर्ट रूम में दोषियों और निर्भया के परिचितों का काफी भीड़ थी। इसके साथ ही काफी लोग अदालत के बाहर फैसले का इंतजार कर रहे थे।
सुनवाई शुरू होने के बाद दोषियों के वकील एपी सिंह कोर्ट पहुंचे। इस बीच कोर्ट के बाहर मौजूद कुछ लोगों ने एपी सिंह का विरोध किया और कहा कि जो मर्जी कर लो दोषियों को फांसी होकर ही रहेगी। इस पर दोषियों के रिश्तेदारों की उनसे बहस हो गई।
कोर्ट के बाहर बेहोश हुई अक्षय की पत्नी
निर्भया के दोषियों की याचिका पर काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच हुई बहस को सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। इस दौरान दोषी अक्षय की पत्नी कोर्ट के बाहर मौजूद थी। उसे जब इस बारे में पता लगा तो वह बुरी तरह रोने लगी और अपने पति की फांसी टालने की मांग करने लगी। इस बीच अक्षय व अन्य दोषियों के रिश्तेदारों के चेहरों पर डर की स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान रो रोकर बेहाल होने के कारण अक्षय की पत्नी बेहोश होकर गिर गई।
इस बाबत वहां मौजूद लोगों ने उसे संभाला और पानी पिलाकर होश में लाया। उसकी हालत देखकर अन्य दोषियों के रिश्तेदार भी रोने लगे। इस मामले में वकील एपी सिंह ने आरोप लगाया कि मामले की सुनवाई के दौरान अक्षय की पत्नी को कोर्ट में नहीं जाने दिया गया। वह न्यायाधीश को अपने तलाक की अर्जी के बारे में बताना चाहती थी, लेकिन उसे न्यायाधीश से नहीं मिलने दिया गया।