वहीं दोषी मुकेश कुमार की मां ने भी मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) से उसकी फांसी की सजा पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। हालांकि अयोग ने इस मांग को यह कहते हुए नामंजूर कर दिया कि यह उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
इससे पहले दोषी मुकेश के वकील एपी सिंह ने एनएचआरसी से अपील की थी। उसके बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि हमने 20 मार्च की फांसी पर रोक लगाने की मांग की है, क्योंकि यह न्याय की हत्या है।
जेल पहुंचते ही जल्लाद की हुई कोरोना जांच
निर्भया के चोरों दोषियों को फांसी के तख्ते पर चढ़ाने के लिए मंगलवार को तिहाड़ जेल पहुंचे जल्लाद को कोरोना जांच से गुजरना पड़ा। जेल के भीतर जाने से पहले उसकी थर्मल स्कैनर से जांच के साथ अन्य शारीरक जांच की गई। जेल के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जल्लाद पूरी तरह से स्वस्थ है।