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Nirbhaya Case: निर्भया के दोषियों को अब एक फरवरी को सुबह छह बजे होगी फांसी

Sat, 18 Jan 2020 02:33 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Nirbhaya Case Convicts - फोटो : अमर उजाला
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निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी मुकेश की याचिका पर सुनवाई करते हुए पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी कर दिया है। अब निर्भया के दोषियों को 22 जनवरी को नहीं बल्कि एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी होगी। अदालत में आज जब यह बताया गया कि मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है इसलिए नया डेथ वारंट जारी किया जाए। तब अदालत ने सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद यह फैसला लिया और नया डेथ वारंट जारी किया और फांसी की तारीख को एक फरवरी कर दिया है।

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कोर्ट में हुई ये बहसः
अदालत की कार्रवाई शुरू हुई तो सरकारी वकील इरफान अहमद ने कोर्ट को बताया कि राष्ट्रपति ने मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने एक आवेदन भी डाला कि चारों दोषियों को नया डेथ वारंट जारी किया जाए। इस वक्त किसी भी अदालत में कोई याचिका लंबित नहीं है।

इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या दोषी को दया याचिका खारिज होने के बारे में बताया गया है? एमिकस क्यूरी वृंदा ग्रोवर ने अदालत से कहा कि क्या दोषी को अधिकारिक तौर पर दया याचिका खारिज होने की जानकारी दी गई है? मैं मीडिया रिपोर्ट पर भरोसा नहीं करती क्योंकि ये किसी की जिंदगी और मौत का सवाल है।

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इस पर जज ने सरकारी वकील से कहा कि वो दोषी को दया याचिका खारिज होने के बारे में अधिकारिक रूप से अवगत कराएं। इस पर सरकारी वकील ने कहा कि इस बारे में तिहाड़ प्रशासन से कंफर्म करके वह अदालत को एक घंटे में बताएंगे।

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मुकेश के वकील को उससे नहीं मिलने दिया- एमिकस क्यूरी

वहीं बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि अक्षय और पवन के दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस पर वृंदा ग्रोवर ने अदालत को बताया कि जेल ने मुकेश को उसके वकील से भी नहीं मिलने दिया। तब जज ने सरकारी वकील से कहा कि मुकेश और उसके वकील की मीटिंग करवाई जाए।

जब सुनवाई दोबारा शुरू हुई तो सरकारी वकील ने जज को बताया कि मुकेश को अधिकारिक तौर पर जानकारी दे दी गई है कि उसकी दया याचिका खारिज हो चुकी है। जज ने पूरे मामले पर गौर करते हुए पाया कि यहां हर दोषी अलग-अलग तारीखों पर एक के बाद एक अलग-अलग याचिका डाल रहा है। उन्होंने पूछा, कितने लंबे समय तक ये सब चलेगा?

इसके बाद वृंदा ग्रोवर ने मुकेश की तरफ से एक आवेदन दाखिल किया कि उन्हें वो दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं जिससे वह दया याचिका खारिज होने के बाद जो प्रावधान हैं उनका इस्तेमाल कर सके। इसके बाद सेशन्स जज सतीश अरोड़ा ने सारी बातें ध्यान में रखते हुए नया डेथ वारंट जारी किया, जिसके अनुसार अब दोषियों को 1 फरवरी 2020 को सुबह 6 बजे फांसी होगी।
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