फांसी टलवाने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचे दोषियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान जज धर्मेंद्र राणा ने कहा कानूनी प्रक्रिया में लगे वक्त ने कुछ अलग-अलग आवाजों को भी जन्म दिया है, जो कानून के शासन के प्रभावों पर समय-समय पर सवाल उठाती रही हैं।
मैं उन संदेह करने वाले लोगों से कहना चाहता हूं कि गौतम बुद्ध और गांधी की इस महान धरती पर सबसे घिनौने अपराधियों और सबसे घृणित अपराधों के भाग्य का फैसला कानून का शासन ही तय करेगा न कि भीड़ की मानसिकता।
देश में फैला है कोरोना अभी फांसी ठीक नहीं
कोरोना का हवाला देते हुए दोषियों ने कहा कि यह समय फांसी के लिए सही नहीं है। वकील एपी सिंह ने कहा, तिहाड़ में कुछ जगहों पर कोरोना का कहर है, जिसकी चपेट में कैदी भी आए हैं। यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भी कोरोना के चलते सुनवाई नहीं हो पा रही है।
अक्षय की पत्नी की तलाक की अर्जी लंबित
एपी सिंह ने दलील दी कि अक्षय की पत्नी ने बिहार में तलाक के लिए अर्जी दी है। इस पर सरकारी वकील ने कहा, मौजूदा मामले में कोई अन्य याचिका कानूनी उपाय के दायरे में नहीं आती है।