निर्भया के एक गुनहगार मुकेश सिंह की फांसी की सजा से बचने की आखिरी चाल भी ध्वस्त हो गई। दया याचिका ठुकराने के राष्ट्रपति के फैसले को चुनौती देने वाली मुकेश की याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति के फैसले को सही ठहराया।
जस्टिस आर भानुमति की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने कहा, राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका पर जल्द विचार करने और इसे फौरन नामंजूर करने का मतलब यह नहीं है कि उन्होंने अपने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया या फिर यह पूर्वाग्रह से प्रेरित था।
पीठ ने 25 पन्नों के अपने फैसले में कहा, दया याचिका पर विचार से पहले दोषियों के पिछले आपराधिक इतिहास, उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति और अदालतों द्वारा दिए गए फैसलों समेत सभी दस्तावेज राष्ट्रपति के समक्ष विचार के लिए लाए गए थे।
वहीं, अब एक और दोषी अक्षय ठाकुर ने एक फरवरी को तय की गई फांसी की तारीख से तीन दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में सुधारात्मक याचिका दी है, जिस पर पांच जजों की पीठ बृहस्पतिवार को सुनवाई करेगी।
किस दोषी के पास अब क्या विकल्प
-मुकेश सिंह: अब कोई विकल्प नहीं
-पवन गुप्ता: सुधारात्मक और दया याचिका दोनों विकल्प बाकी
-अक्षय ठाकुर: सुधारात्मक याचिका लंबित, दया याचिका अभी बाकी
-विनय शर्मा: सुधारात्मक याचिका खारिज, दया याचिका अभी बाकी