फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निर्भया केसः दोषियों का तिहाड़ पर नया आरोप- दोषी विनय को दिया गया धीमा जहर

Sat, 25 Jan 2020 12:08 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विनय शर्मा(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

निर्भया के दरिंदों ने फांसी से बचने के लिए जो नया उपाय ढूंढकर अदालत का रुख अख्तियार किया था उसमें शनिवार को नया मोड़ आ गया है। शनिवार को जब पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई तो अभियोजन पक्ष ने अदालत को सूचित किया कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने दोषियों के वकील द्वारा मांगे गए सभी संबंधित दस्तावेज उन्हें पहले ही मुहैया करा दिए हैं। अभियोजन ने दिल्ली की अदालत को बताया कि दोषी विलंब की तरकीब अपना रहे हैं।

विज्ञापन


वहीं दोषियों ने आज अदालत में तिहाड़ प्रशासन पर एक बड़ा आरोप लगा दिया है। दोषियों के वकील ने कहा कि तिहाड़ में दोषी विनय शर्मा को धीमा जहर दिया गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन कोई चिकित्सा रिपोर्ट नहीं दी जा रही।

शुक्रवार को अदालत में क्या हुआ
दोषियों के वकील एपी सिंह ने शुक्रवार को फिर पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर कर तिहाड़ जेल प्रशासन पर आरोप लगाया है कि दोषियों के लिए सुधारात्मक और दया याचिका दायर करने के लिए जरूरी दस्तावेज देने में देरी की जा रही है। 
विज्ञापन


वहीं, तिहाड़ जेल के प्रवक्ता राजकुमार का कहना है कि वकील को व्हाट्सएप और ई-मेल पर कागजात भेजे जा चुके हैं। एपी सिंह के कार्यालय पर भी जेलकर्मी कागजात लेकर गया था लेकिन उनका कार्यालय बंद था।

उन्होंने वकील पर मामले को लटकाने का आरोप लगाया है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दो अन्य दोषियों विनय कुमार शर्मा और मुकेश सिंह की सुधारात्मक याचिका खारिज कर दी थी। चारों दोषियों को पटियाला हाउस कोर्ट से जारी किए गए नए डेथ वारंट के तहत एक फरवरी की सुबह 6 बजे फांसी दी जानी है।

विज्ञापन

दोषियों के पास सुधारात्मक और दया याचिका के विकल्प

निर्भया के एक दोषी मुकेश की सुधारात्मक याचिका सुप्रीम कोर्ट और दया याचिका राष्ट्रपति से खारिज होने के कारण अब मुकेश के पास कोई कानूनी विकल्प नहीं है। निर्भया के एक अन्य दोषी विनय की भी सुधारात्मक याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो चुकी है।

हालांकि, विनय के पास दया याचिका का विकल्प है। इसके साथ ही दोषी पवन और अक्षय के पास सुधारात्मक और दया याचिका दोनों विकल्प बचा है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें