निर्भया मामले के चार दोषियों में से तीन ने मंगलवार को जेल प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस का लिखित जवाब दिया है। उन्होंने अपने जवाब में कहा है कि उनके पास अब भी दो विकल्प बचे हुए हैं। संविधान उन्हें क्युरेटिव पेटिशन और दया याचिका दायर करने का अधिकार देता है, इसलिए वो लोग इनका इस्तेमाल करना चाहते हैं।
पिछली सुनवाई में अदालत के दोषी अक्षय की याचिका को खारिज कर दिया था। वहीं 18 दिंसबर को ही पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया की मां की याचिका पर सुनवाई की थी, जिसमें उन्होंने दोषियों को जल्द से जल्द डेथ वारंट जारी करने की मांग की है। अदालत ने डेथ वारंट जारी करने से मना करते हुए इसपर अगली सुनवाई के लिए 7 जनवरी की तारीख दी थी।
इसके बाद अदालत के निर्देशानुसार जेल प्रशासन ने सभी दोषियों को नेटिस जारी किया था। जेल प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी कर आखिरी कानूनी विकल्प के इस्तेमाल के बारे में पूछा था। इस नोटिस के जवाब में दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद दोषियों ने बचे हुए कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करने की इच्छा जताई है।