वहीं, नेत्रहीन छात्रों को कंप्यूटर की शिक्षा देने के लिए कीबोर्ड पर स्थित बटनों में से कुछ में उभार बना होता है। ऐसे बटनों की पहचान कराकर उन्हें टाइपिंग सिखाई जाएगी, ताकि उनके लिए कंप्यूटर के क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
ऑटिज्म के छात्रों के घर जाकर ली जाएगी परीक्षा
एनआईओएस चेयरमैन प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने बताया कि ऑटिज्म के कई स्तर होते हैं। इसके शिकार बच्चों के पास विभिन्न योग्यताएं और परेशानियों दोनों ही मौजूद रहती हैं। ऑटिज्म से परेशान छात्र सामान्य बच्चों की तरह ही बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, कोई भी विषय सीख सकते हैं, लेकिन उन्हें शिक्षा देने का तरीका कई बार सामान्य बच्चों से अलग अपनाना पड़ता है।
ऑटिज्म से परेशान छात्र कई बार नए लोग शिक्षक को देखकर या परीक्षा के समय बहुत अधिक बेचैन या आक्रामक हो सकते हैं। ऐसे में इन छात्रों के लिए जरूरत पड़ने पर हम घर में जाकर परीक्षा लेने का इंतजाम भी कर रहे हैं, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में समझौता न हो। साथ ही, इन छात्रों को भी थोड़ी सुविधा मिल सके।