अदालत ने नौ वर्षीय बच्चे की गवाही को ठोस मानते हुए पत्नी को प्रताड़ित करने व उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में आरोपी पिता को छह वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हिमानी मल्होत्रा ने मनोहर लाल (36) को नाबालिग बेटे की गवाही पर भरोसा करते हुए दोषी ठहराया और कहा कि अभियोजन के साक्ष्य साबित करने में सफल रहे हैं कि पत्नी के साथ क्रूरता और उसके आत्महत्या करने के बीच सीधा संबंध है।
अदालत ने कहा कि दोषी के आचरण ने ही उसकी पत्नी संतोष को यह कदम उठाने के लिये बाध्य किया और इस वजह से उसके तीन नाबालिग बच्चे मां के प्यार से वंचित हो गए।